Chhattisgarh Politics: सुखदेव भगत बने छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी, सचिन पायलट को मिली पंजाब की कमान
Chhattisgarh Politics: कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाया है। वहीं सचिन पायलट को पंजाब और भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है।
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कीर्तिमान डेस्क | लक्ष्मी साहू
06 Sep 2026, 03:21 PM
रायपुर
Chhattisgarh Politics: कांग्रेस ने राज्यों के संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं छत्तीसगढ़ के मौजूदा प्रभारी सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब के प्रभारी रहे भूपेश बघेल को अब असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है।
कांग्रेस हाईकमान का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक लगातार भूपेश बघेल की भूमिका पर सवाल उठा रहे थे।
पंजाब में विरोध के बाद बदली जिम्मेदारी
पंजाब कांग्रेस के भीतर भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ चन्नी गुट की नाराजगी कई मौकों पर खुलकर सामने आई। चन्नी समर्थकों का आरोप था कि पंजाब की जमीनी राजनीतिक स्थिति की सही तस्वीर पार्टी नेतृत्व तक नहीं पहुंचाई जा रही थी।
31 जुलाई से 8 अगस्त के बीच चले 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' अभियान में भी कई जगह विरोध देखने को मिला। संगरूर, पटियाला, मुक्तसर और अन्य इलाकों में कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी। लुधियाना में तो विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने 'बघेल गो बैक' लिखी टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन किया था। दिल्ली में 3 और 4 सितंबर को हुई बैठकों के दौरान पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर चर्चा हुई। इसके बाद संगठन में जिम्मेदारियां बदलने का फैसला सामने आया।
सचिन पायलट को पंजाब की कमान सौंपना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि उनके संगठनात्मक अनुभव से पंजाब में चल रही गुटबाजी को कम करने और नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के अलग-अलग गुटों को साथ लाना और आगामी चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करना होगी।
कौन हैं सुखदेव भगत?
छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। 2005 में सरकारी नौकरी छोड़कर उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा और लोहरदगा से विधायक चुने गए। वे झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने जनवरी 2022 में कांग्रेस में वापसी की। 2024 के लोकसभा चुनाव में लोहरदगा से जीत दर्ज कर वे पहली बार सांसद बने।
छत्तीसगढ़ में नई चुनौती
सुखदेव भगत के सामने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में बेहतर समन्वय बनाने और वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल बढ़ाने की चुनौती होगी। प्रभारी बदलने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस में आगे भी संगठनात्मक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में सुखदेव भगत प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की स्थिति और आगामी चुनावी रणनीति की समीक्षा कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह फेरबदल छत्तीसगढ़ और पंजाब—दोनों राज्यों में पार्टी की नई रणनीति का संकेत माना जा रहा है।