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कॉमनवेल्थ गेम्स : ट्रायल में खिलाड़ियों का दम, रांची में दिखा भारत का एथलेटिक्स भविष्य

रांची में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता 2026 शानदार प्रदर्शन और नए रिकॉर्ड्स के साथ संपन्न हो गई। चार दिनों तक चले इस एथलेटिक्स महाकुंभ में देशभर के शीर्ष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और कई एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियन स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई किया। तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में शानदार प्रदर्शन किया, जबकि शिवम लोहाकरे ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी दावेदारी मजबूत की। वहीं समरदीप गिल ने शॉटपुट में बड़ा उलटफेर करते हुए तजिंदरपाल सिंह तूर को पीछे छोड़ दिया। प्रतियोगिता में कई युवा खिलाड़ियों ने भी दमदार प्रदर्शन कर भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य को मजबूत संकेत दिए।

कीर्तिमान नेटवर्क
26 May 2026, 06:19 PM
रांची
रांची में आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता 2026 शानदार प्रदर्शन, नए रिकॉर्ड और उभरते सितारों के दमदार खेल के साथ संपन्न हो गई। चार दिनों तक चले इस एथलेटिक्स महाकुंभ में देशभर के शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया और कई खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई किया।  यह प्रतियोगिता ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप के चयन ट्रायल के रूप में भी आयोजित की गई थी। इसी वजह से खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रतियोगिता का आयोजन बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में किया गया, जहां देशभर से आए खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का दम दिखाया।

भारतीय एथलेटिक्स में नए सितारे

इस प्रतियोगिता ने भारतीय एथलेटिक्स को कई नए चेहरे दिए, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। कई अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं और खेल विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। रांची में आयोजित यह प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई, क्योंकि यहां कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्वालीफिकेशन मार्क हासिल किए।

तेजस्विन शंकर का शानदार प्रदर्शन

डेकाथलॉन स्टार तेजस्विन शंकर प्रतियोगिता के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने डेकाथलॉन में 8057 अंक हासिल कर अपनी शानदार फिटनेस और निरंतरता का प्रदर्शन किया। उनका प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स क्वालीफिकेशन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। तेजस्विन ने कई स्पर्धाओं में संतुलित प्रदर्शन कर यह साबित किया कि वे भारत के सबसे भरोसेमंद बहु-इवेंट एथलीटों में से एक हैं। 

शिवम लोहाकरे ने मारी बाजी

पुरुष जैवलिन थ्रो में शिवम लोहाकरे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने लगातार दमदार थ्रो करते हुए खुद को कॉमनवेल्थ गेम्स के मजबूत दावेदारों में शामिल कर लिया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन उनका प्रदर्शन सबसे आकर्षक रहा और दर्शकों ने भी उनके प्रदर्शन की जमकर सराहना की। 

अनिमेष कुजूर 

स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर ने 200 मीटर स्पर्धा में शानदार दौड़ लगाई। हालांकि वे कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालीफिकेशन मार्क से बेहद मामूली अंतर से चूक गए, लेकिन उनकी गति और तकनीक ने विशेषज्ञों को प्रभावित किया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अनिमेष भारतीय स्प्रिंटिंग का बड़ा नाम बन सकते हैं। 

समरदीप गिल ने किया उलटफेर

पुरुष शॉटपुट स्पर्धा में मध्य प्रदेश के समरदीप गिल ने बड़ा उलटफेर करते हुए अनुभवी खिलाड़ी और एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट तजिंदरपाल सिंह तूर को पीछे छोड़ दिया। समरदीप ने न केवल गोल्ड मेडल जीता बल्कि कॉमनवेल्थ क्वालीफिकेशन मार्क भी हासिल कर लिया। उनके प्रदर्शन को भारतीय एथलेटिक्स में नई पीढ़ी के उभार के रूप में देखा जा रहा है।  लंबी दूरी की दौड़ में भी शानदार मुकाबला 5000 मीटर और 10000 मीटर स्पर्धाओं में भी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। धावक Shivaji ने 10000 मीटर में संघर्ष के बाद वापसी करते हुए 5000 मीटर में गोल्ड मेडल जीतकर सभी को प्रभावित किया। लंबी दूरी की दौड़ों में खिलाड़ियों की सहनशक्ति और रणनीतिक दौड़ ने प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ा दिया। 

युवा खिलाड़ियों ने बढ़ाई उम्मीदें

प्रतियोगिता केवल अनुभवी खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रही। कई युवा खिलाड़ियों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और एशियन अंडर-23 प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि रांची में आयोजित यह प्रतियोगिता ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए अंतिम चयन ट्रायल का काम करेगी। इसी वजह से खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।  लंबी कूद, पोल वॉल्ट, शॉटपुट, जैवलिन, रिले और डेकाथलॉन जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की।

भारतीय एथलेटिक्स 

AFI के अनुसार यह प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स कैलेंडर की सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में से एक थी। खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर ट्रैक और अनुकूल मौसम मिला, जिसका सकारात्मक असर उनके प्रदर्शन में देखने को मिला। रांची में खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि भारत आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन प्रतियोगिताओं में मजबूत चुनौती पेश कर सकता है।

रांची बना भारतीय एथलेटिक्स

पिछले कुछ वर्षों में रांची राष्ट्रीय एथलेटिक्स आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। झारखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन और स्थानीय प्रशासन द्वारा बेहतर खेल सुविधाएं विकसित किए जाने के कारण अब यहां बड़े राष्ट्रीय आयोजन लगातार हो रहे हैं। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि रांची देश के बड़े ट्रैक एंड फील्ड आयोजनों की मेजबानी करने में पूरी तरह सक्षम है। आने वाले वर्षों में भी यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
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