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वारदाता की साजिश नाकाम
वारदाता की साजिश नाकाम
सुकमा

साजिश नाकाम : सरेंडर कर चुके साथियों की सीक्रेट इनपुट पर फोर्स का धावा, इंसास राइफल और बारूद का जखीरा बरामद

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। किस्टाराम क्षेत्र के कुम्माडोंग जंगल और पहाड़ी इलाके में चलाए गए विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों के एक बड़े हथियार और विस्फोटक डंप का पता लगाकर उसे बरामद कर लिया।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 06 Jun 2026, 11:46 AM · अपडेट: 02 Oct 2026, 12:04 PM
सुकमा
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। किस्टाराम इलाके के कुम्माडोंग जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों के एक बड़े हथियार डंप को ध्वस्त कर दिया है। बरामद हथियारों में सेना और पुलिस द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली इंसास राइफल सहित भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और खतरनाक विस्फोटक शामिल हैं।

पुलिस का मानना है कि इस बरामदगी से नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों पर बड़े हमले या किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों की 'सटीक सूचना' पर एक्शन

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस को यह कामयाबी नक्सल संगठन का साथ छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व नक्सलियों के इनपुट पर मिली है।

  • सीक्रेट इन्फॉर्मेशन: सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि संगठन ने कुम्माडोंग के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच भारी मात्रा में हथियार और बारूद छिपाकर रखा है।

  • एक्शन में आई फोर्स: सूचना मिलते ही किस्टाराम थाने और सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन (Area Domination) शुरू कर दिया।

घने जंगल में मिला 'मौत का डंप'

सर्चिंग के दौरान जवानों ने बेहद सूझबूझ और सुरक्षा मानकों (SOP) का पालन करते हुए कुम्माडोंग पहाड़ी के एक संदिग्ध हिस्से की तलाशी ली। वहां पत्थरों और झाड़ियों के पीछे छुपाकर रखा गया एक बड़ा डंप मिला। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए टीम ने सावधानीपूर्वक खुदाई की और नक्सलियों की 'सप्लाई चेन' को जब्त कर लिया।

क्या-क्या मिला जंगल से?

नक्सलियों के इस ठिकाने से घातक हथियारों के साथ-साथ संचार उपकरण और आईईडी (IED) बनाने की सामग्री मिली है:

बरामद सामग्री का नाममात्रा / संख्या
इंसास रायफल (INSAS Rifle)01 नग
इंसास कारतूस (5.56mm)49 नग
एसएलआर कारतूस (7.62mm)12 नग
.303 कारतूस27 नग
8 MM कारतूस16 नग
मस्केट कारतूस07 नग
12 बोर कारतूस07 नग
कॉर्डेक्स वायर (विस्फोटक के लिए)02 बंडल (लगभग 30 मीटर)
इंसास मैगजीन03 नग
वायरलेस सेल (कम्युनिकेशन के लिए)06 नग
स्टील डिब्बा और पोच01-01 नग

भविष्य में बड़ी वारदात की थी तैयारी – पुलिस

"जिले में नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में यह कार्रवाई हुई है। नक्सलियों ने ये हथियार और बारूद आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने या किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से डंप किए थे। वक्त रहते इसे रिकवर कर नक्सलियों के इरादों को पस्त कर दिया गया है।" — स्थानीय पुलिस प्रशासन

बैकफुट पर नक्सली

बस्तर संभाग और विशेषकर सुकमा में लगातार चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन्स और कैम्पों की स्थापना से नक्सली अब बैकफुट पर हैं। सरेंडर कर रहे नक्सलियों से मिल रही सटीक जानकारियों ने स्थानीय पुलिस और केंद्रीय बलों (CRPF/COBRA) की राह और आसान कर दी है, जिससे नक्सलियों का सूचना तंत्र और आधार दोनों कमजोर हो रहे हैं। इस बरामदगी के बाद किस्टाराम और आस-पास के जंगलों में सर्चिंग और तेज कर दी गई है।

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