इससे पहले 4 जुलाई को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.46 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। यानी कुछ ही दिनों में सोने के दाम में लगभग 3 हजार रुपए तक की कमी दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव, डॉलर की स्थिति और निवेशकों की खरीद-बिक्री का सीधा असर घरेलू सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
जून में भी सस्ता हुआ था सोना-चांदी
अगर पिछले महीने जून की बात करें तो उस दौरान भी सोने और चांदी के भाव में गिरावट का सिलसिला देखने को मिला था। जून महीने में सोने की कीमत करीब 15 हजार रुपए तक नीचे आई थी। वहीं, चांदी के भाव में लगभग 38 हजार रुपए प्रति किलो की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच इस साल अब तक चांदी की कीमत में करीब 1.66 लाख रुपए प्रति किलो तक की गिरावट आ चुकी है।
चांदी के दाम में भी भारी कमी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह चांदी का भाव करीब 2.34 लाख रुपए प्रति किलो था, जो अब घटकर लगभग 2.20 लाख रुपए प्रति किलो रह गया है। इस तरह चांदी के भाव में करीब 13,468 रुपए प्रति किलो की कमी आई है।
निवेशकों की नजर चांदी की गिरावट पर
चांदी में आई इस गिरावट को निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ समय में चांदी ने तेजी दिखाते हुए रिकॉर्ड स्तरों को छुआ था, लेकिन अब वैश्विक बाजार में मांग कमजोर होने और निवेशकों की रणनीति बदलने से इसकी कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है।
रिकॉर्ड स्तर से नीचे आया सोना
चांदी ने भी बनाया था ऐतिहासिक रिकॉर्ड
चांदी की कीमतों में भी इस साल जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद चांदी में लगातार गिरावट दर्ज की गई।