गहन चिंतन : गौ कथा में गूंजा गौ माता की पीड़ा का स्वर
नवापारा-राजिम स्थित श्री गोपाल गौशाला में आयोजित गौ भागवत कथा में गौ माता की वर्तमान दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। कथा व्यास पंडित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि आज गायें सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं, कचरा खाकर बीमार हो रही हैं और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का शिकार बन रही हैं।
कथा व्यास पंडित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि आज हमारे ही देश में गायों की बड़ी दुर्दशा हो रही है। गौ माता दारुण कष्टों से गुजर रही हैं, लेकिन समाज इसका मूक दर्शक बना हुआ है। घरों में “जगह नहीं है” कहकर लोगों ने गाय पालन छोड़ दिया है, जबकि कुत्ते पालना आज स्टेटस सिंबल बन गया है।
उन्होंने कहा कि पहले जो लोग गाय रखते थे, वे अब केवल तब तक ही रखते हैं जब तक गाय दूध देती है। इसके बाद उसे सड़कों पर आवारा छोड़ दिया जाता है। इसी कारण आज गायें सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं और कूड़ा-कचरा, झिल्ली और कागज खाकर पेट भर रही हैं।
गौ माता की दुर्दशा और दुर्घटनाएं
गौ माता कचरा खाकर बीमार हो रही हैं और आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का शिकार बन रही हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सबसे अधिक पीड़ित आज गाय ही हैं, जो व्यवस्था और समाज की उपेक्षा का परिणाम है। गौ भागवत कथा में यह भावुक मांग रखी गई कि भारत सरकार गाय को विधिवत “राष्ट्र माता” घोषित करे। इसके लिए राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चल रहा है। हाल ही में देशभर में इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपे गए हैं और आगामी जुलाई में पुनः व्यापक अभियान चलाने की तैयारी है। कथा में उपस्थित लोगों से अपील की गई कि अधिक से अधिक संख्या में इस गौ रक्षा अभियान से जुड़ें और गौ माता की सेवा की दिशा में योगदान दें। यह संदेश दिया गया कि समाज को अब जागरूक होकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
जनप्रतिनिधियों और गौ सेवा आयोग की भूमिका
कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू ने गौ भागवत कथा को गौ संरक्षण के लिए प्रेरणादायक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह एक अनुकरणीय पहल है। उन्होंने व्यास पीठ से राजिम की गौशाला में भी गौ कथा आयोजित करने का अनुरोध किया, जिसे ब्रह्मदत्त शास्त्री ने स्वीकार किया।
गौरतलब है कि पिछले महीने गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल ने भी गौशाला का निरीक्षण किया था और गौ कथाओं को केंद्र में रखकर सुधार की बात कही थी। इसी के तहत इस बार पुरुषोत्तम मास में गौ कथा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
पूजन, परिक्रमा और धार्मिक आयोजन
कथा की शुरुआत हनुमान जी और गौ माता के पूजन से हुई। इसके बाद कलश एवं पोथी पूजन किया गया। सुहागिन महिलाओं ने भजन गाते हुए गौशाला की परिक्रमा की, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। समिति के प्रफुल्ल दुबे ने स्वागत भाषण में गौ कथा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। मंच संचालन भूपेंद्र सोनी ने किया और कहा कि यह नगर का सौभाग्य है कि गोपाल गौशाला में पहली बार गौ कथा आयोजित हो रही है। इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं उपस्थित रहीं। गौशाला समिति के सदस्यों ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने और इस पुण्य कार्य में सहभागिता की अपील की।