खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। जिलेभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों और गोदामों की लगातार जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध भंडारण या संदिग्ध उर्वरक की बिक्री पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। इसी क्रम में महासमुंद जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा प्रिंट वाली पीआरओएम (PROM) उर्वरक की 11 बोरियां, जिनका कुल वजन लगभग 550 किलोग्राम है, जब्त की हैं।
उर्वरक विक्रेताओं में भी हलचल मच गई
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने बागबाहरा विकासखंड के ग्राम घोयनाबाहरा स्थित वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठान में उपलब्ध उर्वरकों का भौतिक सत्यापन किया और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। इसी दौरान गोदाम में सालेपाली, पाइकमाल, जिला बरगढ़ (ओडिशा) प्रिंट वाली पीआरओएम उर्वरक की 11 बोरियां मिलीं। प्रारंभिक जांच में इन बोरियों को लेकर आवश्यक दस्तावेज और वैधानिक प्रक्रिया स्पष्ट नहीं मिलने पर विभाग ने नियमानुसार सभी बोरियों को जब्त कर लिया।
दस्तावेजों और वैधता की भी हो रही जांच
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केवल उर्वरक जब्त करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित उर्वरक किस माध्यम से यहां तक पहुंची, उसका परिवहन और भंडारण नियमानुसार हुआ या नहीं तथा उसकी बिक्री के लिए आवश्यक अनुमति और दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं। विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसानों के हितों से समझौता नही होगा
विभाग ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खरीफ फसलों की बुआई का समय शुरू होने के साथ ही उर्वरकों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में अवैध भंडारण, कालाबाजारी और बिना अनुमति उर्वरक बिक्री की शिकायतें सामने आने की संभावना भी रहती है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने जिलेभर में निगरानी और सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। अधिकारियों की टीमें समय-समय पर उर्वरक विक्रय केंद्रों, गोदामों और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।