खूबसूरत और अट्रैक्टिव दिखना भला किसे पसंद नहीं होता? लेकिन कभी-कभी खुद को बेहतर दिखाने की यही हसरत पूरी जिंदगी का चैन और सुकून छीन लेती है। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला चीन से सामने आया है, जहां एक महिला को कॉस्मेटिक सर्जरी कराना इतना भारी पड़ गया कि वह पिछले 6 सालों से अपनी आंखें बंद करके सो भी नहीं पा रही है। गलत सर्जरी के कारण महिला की आंखें चौबीसों घंटे खुली रहती हैं, जिससे उनकी जिंदगी पूरी तरह नर्क बन चुकी है।
लग्जरी का शौक या जिंदगी की भूल
'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह दर्दनाक और हैरान करने वाली कहानी वांग नाम की एक चीनी महिला की है।
कब हुई सर्जरी: जून 2020
कहाँ हुई: जियांग्सू प्रांत के सूजौ शहर का एक कॉस्मेटिक क्लिनिक
कौन सी सर्जरी थी: डबल आईलिड सर्जरी (Double Eyelid Surgery)
कितना आया खर्च: करीब 12,000 युआन (भारतीय मुद्रा में लगभग ₹1.4 लाख से ₹1.7 लाख रुपये)
क्या होती है डबल आईलिड सर्जरी? पूर्वी एशिया (जैसे चीन, कोरिया, जापान) में यह सर्जरी बेहद लोकप्रिय और आम है। इसमें पलकों के ऊपर एक क्रीज (फोल्ड) बनाई जाती है, जिससे आंखें बड़ी, ज्यादा खुली और खूबसूरत दिखाई देती हैं।
सर्जरी के बाद हुआ भयानक 'साइड इफेक्ट'
ऑपरेशन थियेटर से बाहर आते ही वांग की खुशियां काफूर हो गईं। उनकी आंखों में असहनीय दर्द और भयंकर सूजन होने लगी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उनकी पलकें बाहर की तरफ (Ectropion) मुड़ गईं और आंखों से चौबीसों घंटे बिना रुके आंसू बहने लगे।
जब उन्हें आनन-फानन में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास ले जाया गया, तो मेडिकल रिपोर्ट्स ने सबके होश उड़ा दिए:
अश्रु ग्रंथि (Tear Gland) पूरी तरह डैमेज: गलत कट लगाने की वजह से आंखों की नैचुरल ड्रेनेज और ग्लैंड्स बर्बाद हो चुके थे।
पलकों का लॉक होना: डॉक्टरों ने स्थिति सुधारने की पूरी कोशिश की, लेकिन नुकसान इतना गहरा था कि वांग की पलकें हमेशा के लिए पूरी तरह झपकना (Blink) बंद हो गईं।
जिंदगी और करियर दोनों तबाह
इस मेडिकल लापरवाही ने वांग को न सिर्फ शारीरिक रूप से अपाहिज बना दिया, बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह तोड़कर रख दिया।
मानसिक तनाव और डिप्रेशन: वांग ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि चेहरे की इस हालत के कारण उन्हें ऑफिस जाने या किसी भी सामाजिक समारोह में जाने में शर्म आने लगी। वह गंभीर डिप्रेशन और इंसोमनिया (अनिद्रा) का शिकार हो गईं।
सरकारी मुहर: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए साल 2022 में स्थानीय चीनी प्रशासन ने वांग को 'ग्रेड-9 की विकलांगता' (Grade-9 Disability) की कैटेगरी में डाल दिया।
न डॉक्टर के पास लाइसेंस था, न क्लिनिक वैध था
जब वांग के परिवार ने इस मामले की कानूनी शिकायत की और प्रशासन ने क्लिनिक पर छापेमारी की, तो जो सच सामने आया वह बेहद डरावना था:
| क्लिनिक की सच्चाई | डॉक्टर की योग्यता | प्रशासनिक कार्रवाई |
| क्लिनिक के पास कोई वैध कमर्शियल या मेडिकल परमिशन नहीं थी। यह अवैध रूप से संचालित हो रहा था। | सर्जरी करने वाले तथाकथित 'डॉक्टर' के पास कोई मेडिकल डिग्री या प्लास्टिक सर्जरी का लाइसेंस ही नहीं था। | प्रशासन ने क्लिनिक को तुरंत सील कर दिया है। वांग ने आरोपी फर्जी डॉक्टर के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया है। |
एक सबक जो सबको सीखना चाहिए
अदालती कार्रवाई से शायद वांग को कुछ मुआवजा मिल जाए और फर्जी डॉक्टर को जेल हो जाए, लेकिन जो सुकून, सेहत और सामान्य जिंदगी वह खो चुकी हैं, वो उन्हें कभी वापस नहीं मिल सकती। यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक चेतावनी है जो बिना पूरी जांच-पड़ताल किए, सस्ते के चक्कर में या बिना लाइसेंस वाले 'ब्यूटी क्लीनिकों' में जाकर अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करते हैं।
