नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती जारी है। इसी कड़ी में धमतरी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज विभिन्न मामलों में जब्त किए गए 388.392 किलोग्राम मादक पदार्थों का नियमानुसार नष्टीकरण कराया। इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल जब्त नशीले पदार्थों का सुरक्षित निष्पादन करना था, बल्कि नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को भी मजबूती देना है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर यह कार्रवाई जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की देखरेख में संपन्न हुई। पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडे की अध्यक्षता में गठित समिति ने पूरी प्रक्रिया का पर्यवेक्षण किया। पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्राम बंजारी स्थित मेसर्स रूपगढ़ पॉवर एंड एलॉयज प्राइवेट लिमिटेड परिसर में मादक पदार्थों का विधिवत नष्टीकरण किया गया।
छह थाना क्षेत्रों के 18 प्रकरणों से जुड़ा था मामला
पुलिस के मुताबिक सिटी कोतवाली धमतरी, अर्जुनी, भखारा, बिरेझर, केरेगांव और सिहावा थाना क्षेत्रों में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के कुल 18 मामलों में जब्त मादक पदार्थ इस कार्रवाई के तहत नष्ट किए गए। पूरी प्रक्रिया के दौरान न्यायालयीन निर्देशों, एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों और पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन किया गया।
कानूनी औपचारिकताएं पूरी
मादक पदार्थों के नष्टीकरण से पहले छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर तथा ग्राम पंचायत बंजारी से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किए गए थे। जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति ने जब्त सामग्री के सुरक्षित भंडारण, सत्यापन, अभिलेखीकरण और नष्टीकरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई को अंतिम रूप दिया।
नशामुक्त समाज
धमतरी पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जब्त नशीले पदार्थों का नष्टीकरण न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के साथ-साथ युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक अहम कदम है।
लोगों से मांगा सहयोग
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री या अवैध कारोबार की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का मानना है कि जनसहयोग और लगातार कार्रवाई से ही नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है और सुरक्षित, स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
