अश्लील वीडियो कॉल के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की वसूली करने वाले अंतरराज्यीय सेक्सटॉर्शन गिरोह के खिलाफ बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर निवासी एक व्यक्ति से 31.24 लाख रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी पंकज कौशिक की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह सामान्य धोखाधड़ी नहीं, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आर्थिक शोषण करने का गंभीर अपराध है।
व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुई करोड़ों जैसी ठगी की कहानी
मामले के अनुसार, पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर अश्लील दृश्य दिखाई दिया, जिसे देखकर उसने तुरंत कॉल काट दिया। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला। आरोपियों ने स्क्रीनशॉट और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पहले 50 हजार रुपये मांगे, फिर अलग-अलग बहाने बनाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए। बदनामी के डर और लगातार दबाव के चलते पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों में कुल 31 लाख 24 हजार 514 रुपये जमा कर दिए।
जांच में सामने आया संगठित साइबर नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह था, जो कई राज्यों से मिलकर संचालित हो रहा था। तकनीकी जांच और बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में आरोपी पंकज कौशिक के खाते में ठगी की रकम से जुड़े 10 लाख रुपये के लेन-देन के साक्ष्य भी मिले।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को किसान बताते हुए झूठा फंसाने का दावा किया, लेकिन राज्य सरकार ने दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर इसका विरोध किया। अदालत ने उपलब्ध सबूतों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।