छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के कामोशिनडांड गांव निवासी गणेश बचपन से दिव्यांग हैं। दोनों पैरों से चलने में असमर्थ गणेश अपने हाथों के सहारे ही एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं। आर्थिक और भौगोलिक परेशानियों के बीच उनका जीवन काफी कठिनाइयों से गुजर रहा है।
धरमजयगढ़ की सड़कों पर जब गणेश को हाथों के सहारे चलते देखा गया, तो सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने को लेकर उनसे जानकारी ली गई। इस दौरान गणेश ने बताया कि वह लंबे समय से सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। उनकी सबसे बड़ी जरूरत ट्राइसाइकिल है, लेकिन अब तक उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पाई है।
पहाड़ी क्षेत्र में रहने से बढ़ी मुश्किलें
गणेश ने बताया कि उनका गांव पहाड़ी इलाके में स्थित है। वह किसी तरह बस के माध्यम से धरमजयगढ़ पहुंचे थे। उनका कहना है कि ट्राइसाइकिल जैसी जरूरी सुविधा नहीं होने के कारण रोजमर्रा के कामों के लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत के माध्यम से सहायता की मांग की गई, लेकिन अभी तक उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। पंचायत स्तर पर मौखिक रूप से कई बार अपनी समस्या बताने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे।आवाजाही में होती है सबसे ज्यादा परेशानी
गणेश का कहना है कि ट्राइसाइकिल नहीं होने के कारण उन्हें आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र में रहने के कारण रास्ते भी आसान नहीं हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। दिव्यांग होने के बावजूद आत्मनिर्भर जीवन जीने की कोशिश कर रहे गणेश को अब सरकारी मदद का इंतजार है, ताकि उन्हें रोजमर्रा की गतिविधियों में कुछ राहत मिल सके। मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मदनलाल साहू तक पहुंची।