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18 आरोपियों की गिरफ्तारी
18 आरोपियों की गिरफ्तारी
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खुलासा : म्यूल बैंक अकाउंट नेटवर्क का भंडाफोड़, साइबर ठगी में 18 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल बैंक खातों के जरिए अवैध लेन-देन करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। मोहन नगर और नेवई थाना पुलिस की अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम साइबर अपराधियों को कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
14 Jun 2026, 03:36 PM
दुर्ग

दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए म्यूल बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर खपाने वाले संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मोहन नगर और नेवई थाना पुलिस की संयुक्त व अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें तय कमीशन दिया जाता था। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर उसे ट्रेस होने से बचाने के लिए किया जाता था।

पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और साइबर शिकायतों के विश्लेषण के दौरान कई संदिग्ध बैंक खातों की पहचान हुई। जांच में पता चला कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों का उपयोग ठगी की रकम जमा करने, ट्रांसफर करने और निकालने में लगातार किया गया।

नेवई थाना क्षेत्र में 3 खाताधारक गिरफ्तार

नेवई थाना पुलिस ने केनरा बैंक खातों की जांच के दौरान बड़े वित्तीय लेन-देन में अनियमितताएं पाईं। केवाईसी दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट खंगालने पर लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए। इसके बाद तीन खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। नेवई थाना में अपराध क्रमांक 306/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में पवन दास मानिकपुरी, करण रंगारी और नरेंद्र कुमार साहू शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के बदले अपने बैंक साधन साइबर ठगों को दिए थे।

मोहन नगर में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी

मोहन नगर थाना पुलिस ने कोटक महिंद्रा बैंक के कई खातों की जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े बड़े ट्रांजेक्शन का खुलासा किया। जांच में पाया गया कि कई खाताधारक जानबूझकर अपने खातों का उपयोग अवैध लेन-देन के लिए कर रहे थे।

इस मामले में अपराध क्रमांक 329/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 317(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में पीयूष डडसेना, साहिल खान, खुशी झा, मोहम्मद फरान, अभिजीत कुमार, आदित्य रजक, आशीष चंद्राकर, निखिल साहू, रितेश मसीह, मोहम्मद सोहेल, निकिता चौहान, शुभा सेंगर, शिवम पांडेय, रितेश देवांगन और रणधीर झा शामिल हैं।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम को छिपाने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। कई लोग छोटे कमीशन के लालच में अपने खाते अपराधियों को दे देते हैं, जिससे अवैध धन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे खाताधारक भी अपराध में समान रूप से जिम्मेदार माने जाते हैं। वे न केवल अवैध धन के प्रवाह को आसान बनाते हैं बल्कि साइबर अपराधियों को बच निकलने में भी मदद करते हैं। नेवई थाना क्षेत्र की जांच में 99 संदिग्ध खाताधारकों की पहचान की गई है। पुलिस बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।

आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस ने साफ किया है कि साइबर ठगी और उसके सहयोगियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

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