इंदौर से परीक्षा देने के बाद अचानक लापता हुई एक नीट (NEET-UG) अभ्यर्थी का शव खरगोन जिले में मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती पुलिस जांच और घटनाक्रम को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि छात्रा ने नर्मदा नदी में कूदकर अपनी जान दे दी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और पूरी तफ्तीश के बाद ही साफ हो पाएगी। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर मृतका की पहचान कर ली है, जिसके बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है।
परीक्षा केंद्र से सीधे मौत के घाट तक: क्या हुआ रविवार की शाम?
मृतक छात्रा की पहचान इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र (तलावली चांदा) की रहने वाली निक्की यादव के रूप में हुई है। रविवार को निक्की अपने छोटे भाई शिवम के साथ नीट-यूजी की परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी। परीक्षा खत्म होने के बाद उसने किसी राहगीर के मोबाइल से अपने परिवार को फोन भी किया था। निक्की ने घर वालों से कहा था कि उसके खुद के फोन की बैटरी खत्म हो गई है और वह कुछ ही देर में घर पहुंच रही है।
लेकिन उस एक फोन कॉल के बाद निक्की का परिवार से संपर्क हमेशा के लिए टूट गया। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटी, तो परेशान परिजनों ने तुरंत पुलिस का रुख किया। पहले लसूड़िया थाने और बाद में सोमवार सुबह भंवरकुआं थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मोबाइल लोकेशन ने खोला राज, नदी में तैरता मिला शव
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल टावर लोकेशन को खंगाला, तो निक्की की आखिरी लोकेशन इंदौर में नहीं, बल्कि खरगोन जिले के बड़वाह इलाके में मिली। पुलिस अभी कड़ियां जोड़ ही रही थी कि खरगोन के करही थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीतामली गांव के पास कुछ नाविकों को नदी में एक युवती का शव तैरता हुआ दिखाई दिया।
नाविकों की सूचना पर पहुंची करही थाना पुलिस ने जब शव को बाहर निकाला, तो उसके पास से कुछ दस्तावेज और परिचय पत्र मिले। इन दस्तावेजों को तुरंत इंदौर के भंवरकुआं थाने भेजा गया, जिसके बाद इस बात की पुष्टि हो गई कि यह शव लापता निक्की यादव का ही है।
पिता का सपना और तीसरे प्रयास का दबाव
निक्की के पिता रामानंद यादव पेशे से अकाउंटेंट हैं। वे अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे और इसके लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे थे। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, निक्की का यह नीट के लिए तीसरा प्रयास था। दो बार असफल होने के बाद इस बार परिवार को पूरा भरोसा था कि निक्की परीक्षा में सफल हो जाएगी। अब पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं परीक्षा के तनाव या बिगड़े पेपर के दबाव में आकर तो निक्की ने यह आत्मघाती कदम नहीं उठाया।पुलिस के सामने खड़े कई अनसुलझे सवाल
इस पूरे मामले में करही थाना प्रभारी राजेंद्र इंगले ने बताया कि शव को फिलहाल अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) में रखवा दिया गया है। मंगलवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
उधर, इस हादसे ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं जिनका जवाब ढूंढने में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा खत्म होने के बाद निक्की इंदौर से सीधे खरगोन कैसे और किसके साथ पहुंची? क्या वह किसी के बुलावे पर वहां गई थी या अकेले ही बस या किसी अन्य साधन से वहां तक पहुंची? इन सवालों के जवाब के लिए पुलिस अब निक्की के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और परीक्षा केंद्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
एक अन्य लड़की भी लापता: इसी बीच एक और बात सामने आई है कि खरगोन के ही सनावद इलाके से भी इसी उम्र की एक और लड़की लापता है। पुलिस इस मामले को भी ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है कि क्या इन दोनों मामलों में कोई जुड़ाव है या नहीं। फिलहाल, एक हंसते-खेलते परिवार की उम्मीदें नर्मदा की लहरों में समा गईं और पूरा इलाका इस घटना से स्तब्ध है।