इबोला अलर्ट : विदेश से लौटने वालों की होगी कड़ी जांच, स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर
छत्तीसगढ़ में संभावित इबोला वायरस संक्रमण को देखते हुए शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बिलासपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से लौटने वाले यात्रियों की अनिवार्य जांच, थर्मल स्क्रीनिंग और RT-PCR टेस्ट की व्यवस्था की है। सिम्स में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है, जबकि जिला अस्पताल में भी समान व्यवस्था की गई है।
छत्तीसगढ़ में संभावित इबोला वायरस संक्रमण को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बिलासपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए विदेश से लौटने वाले यात्रियों की सख्त जांच और निगरानी के निर्देश जारी किए हैं। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में विशेष RT-PCR टेस्टिंग की व्यवस्था की गई है।
संक्रमण के खतरे को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि विदेश यात्रा कर लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच अनिवार्य होगी। सिम्स में ऐसे यात्रियों का RT-PCR टेस्ट किया जाएगा। साथ ही प्रारंभिक स्तर पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध लक्षण को तुरंत पहचाना जा सके।
थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क अनिवार्यता लागू
स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटे व्यक्तियों की विशेष निगरानी की जाएगी। खासकर अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि संक्रमण का जोखिम वहीं अधिक माना जाता है।
तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
इबोला संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने तीन-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है—
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एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ समन्वय कर डेटा साझा किया जा रहा है
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बिलासपुर आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सूची रोज जिला महामारी नियंत्रण सेल को भेजी जा रही है
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रेलवे स्टेशनों पर भी संदिग्ध यात्रियों की पहचान और निगरानी की जा रही है
इसके साथ ही ऐसे सभी यात्रियों को, जिनमें लक्षण या जोखिम पाया जाता है, 21 दिनों तक क्वारंटाइन में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार
इबोला संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में 10 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसी तरह जिला अस्पताल में भी 10 बेड का अलग आइसोलेशन सेक्शन बनाया गया है। यहां संक्रमण नियंत्रण के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है। सिम्स डीन डॉ. रमणेश मूर्ति के अनुसार अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब को भी अपग्रेड किया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध मामले की त्वरित जांच और पुष्टि की जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।