फीफा वर्ल्ड कप : स्निको टेक्नोलॉजी के अदृश्य टच ने तोड़ा क्रोएशिया का दिल, विवादों के बीच पुर्तगाल राउंड ऑफ 16 में
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-32 में पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ-16 में जगह बना ली। मैच के 103वें मिनट में क्रोएशिया का बराबरी का गोल स्निको टेक्नोलॉजी और VAR की मदद से ऑफसाइड करार देकर रद्द कर दिया गया।
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कीर्तिमान न्यूज
03 Jul 2026, 08:49 AM
खेल डेस्क
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में फुटबॉल इतिहास का एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जिसकी चर्चा सालों तक होगी। पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच हुआ यह हाई-वोल्टेज मैच आखिरी सेकंडों में एक बड़े तकनीकी विवाद का गवाह बना।
मैच के अंतिम पलों में बराबरी का गोल दागने के बावजूद, क्रोएशिया को 'स्निको टेक्नोलॉजी' के एक बेहद सूक्ष्म फैसले के कारण 2-1 से हार झेलनी पड़ी। इस फैसले ने न सिर्फ क्रोएशियाई टीम का दिल तोड़ा, बल्कि उन्हें वर्ल्ड कप से भी बाहर कर दिया।
103वें मिनट का वो ड्रामा, जिसने सांसें रोक दीं
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
पहला वार: खेल के 53वें मिनट में क्रोएशिया के इवान पेरिसिक ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।
रोनाल्डो का जवाब: पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पेनल्टी को गोल में तब्दील कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
रामोस का हेडर: जब मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी 94वें मिनट में गोंसालो रामोस ने एक शानदार हेडर के जरिए पुर्तगाल को 2-1 से आगे कर दिया।
लेकिन असली रोमांच अभी बाकी था। मैच के बिल्कुल आखिरी पलों (103वें मिनट) में क्रोएशिया ने जवाबी हमला बोला।
नहीं टिका ज्यादा देर जश्न
मारियो पसालिक के बेहतरीन पास पर जोसको ग्वार्डियोल ने गेंद को नेट के अंदर धकेल दिया। पूरा क्रोएशियाई खेमा जश्न में डूब गया, क्योंकि स्कोर 2-2 से बराबर हो चुका था और मैच एक्स्ट्रा टाइम में जाने वाला था। लेकिन तभी VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) ने दखल दिया। क्रोएशिया का यह जश्न ज्यादा देर नहीं टिक पाया।
सेंसर ने पकड़ी गलती
दरअसल, इस वर्ल्ड कप की आधिकारिक गेंद के अंदर मौजूद स्निको टेक्नोलॉजी (जो अमूमन क्रिकेट में इस्तेमाल होती है) ने पूरा खेल पलट दिया। रीप्ले में सामने आया कि जब गेंद क्रोएशिया को पुर्तगाल ने दी मातबॉक्स के अंदर आ रही थी, तब क्रोएशिया के इगोर माटानोविच के सिर से गेंद का एक बेहद मामूली सा हिस्सा छूकर निकला था। इस टच को इंसानी आंख से देख पाना नामुमकिन था, लेकिन सेंसर ने इसे पकड़ लिया।
गोल को किया रद्द
माटानोविच के इसी हल्के से टच की वजह से गेंद रिसीव करने वाले मारियो पसालिक ऑफसाइड पोजीशन में आ गए। आमतौर पर ऑफसाइड के फैसलों के लिए ऑन-फील्ड रेफरी को स्क्रीन के पास नहीं बुलाया जाता, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रेफरी एस्पेन एस्कास खुद मॉनिटर के पास गए। लंबी समीक्षा के बाद रेफरी ने क्रोएशिया के इस बराबरी के गोल को रद्द कर दिया। इस फैसले के साथ ही पुर्तगाल ने राउंड ऑफ 16 का टिकट कटा लिया, जहां अब उनका सामना स्पेन से होगा।
फैंस ने मैदान पर फेंके पानी बोतल
इस फैसले के आते ही स्टेडियम में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बीएमओ फील्ड पर मौजूद नाराज क्रोएशियाई फैंस ने विरोध जताते हुए मैदान पर पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं, जिसके चलते खेल को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए खुद गोल स्कोरर पेरिसिक को फैंस के पास जाकर उन्हें शांत कराना पड़ा। बीबीसी कमेंटेटर्स के अनुसार, माहौल को शांत करने के लिए ही स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर ऑफसाइड का रीप्ले बार-बार दिखाया गया, ताकि फैंस समझ सकें कि पसालिक तकनीकी रूप से ऑफसाइड थे। मैच खत्म होने के बाद क्रोएशियाई खिलाड़ी मैदान पर ही रो पड़े।
करियर का अंत विवादास्पद
माटेओ कोवासिच अपने आंसू नहीं रोक पाए, जिन्हें उनके साथियों ने ढांढस बंधाया। लेकिन सबसे ज्यादा भावुक पल क्रोएशिया के 40 वर्षीय महान कप्तान लुका मोड्रिच के फैंस के लिए था। पिछले दो वर्ल्ड कप में अपनी टीम को फाइनल और सेमीफाइनल तक ले जाने वाले मोड्रिच के जादुई वर्ल्ड कप करियर का अंत इस तरह के एक दर्दनाक और विवादास्पद मोड़ पर होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।