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आखिरी मिनटों में शानदार गोल
आखिरी मिनटों में शानदार गोल
फुटबॉल

फीफा वर्ल्ड कप : बेल्जियम का वो चमत्कार जिसने सेनेगल को रुलाया, आखिरी 6 मिनटों में पलटी पूरी बाजी!

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में बेल्जियम ने टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक में सेनेगल को 3-2 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। 85 मिनट तक 2-0 से पिछड़ रही बेल्जियम ने आखिरी पलों में जबरदस्त वापसी की। सब्स्टीट्यूट रोमेलु लुकाकु ने 86वें मिनट में पहला गोल किया, जबकि यूरी टिलेमैन्स ने 89वें मिनट में बराबरी दिलाई और फिर 125वें मिनट में पेनल्टी पर विजयी गोल दागकर इतिहास रच दिया।

कीर्तिमान न्यूज
02 Jul 2026, 10:59 AM
खेल डेस्क
फुटबॉल की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि जब तक आखिरी सीटी न बज जाए, किसी को हारा हुआ मत मानो। बुधवार को फीफा वर्ल्ड कप 2026 के 'राउंड ऑफ 32' में कुछ ऐसा ही महाड्रामा देखने को मिला, जिसे फुटबॉल इतिहास के सबसे सांस रोक देने वाले मुकाबलों में गिना जाएगा। एक समय ऐसा था जब बेल्जियम की टीम बोरिया-बिस्तर समेटकर टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ी थी। 
85 मिनट तक 2-0 से आगे चल रही सेनेगल की जीत तय लग रही थी, लेकिन फिर मैदान पर वो हुआ जिसकी कल्पना शायद खुद बेल्जियम के फैंस ने भी नहीं की होगी। आखिरी पलों में लगातार तीन गोल दागकर बेल्जियम ने 3-2 से बाजी मार ली और शान से राउंड ऑफ 16 का टिकट कटाया। इस ऐतिहासिक और करिश्माई वापसी की स्क्रिप्ट सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे अनुभवी स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकु ने लिखनी शुरू की थी। इसके बाद जो हुआ, उसने वर्ल्ड कप का इतिहास ही बदल दिया। 

2 गोल से पिछड़ने के बाद जीता मैच 

यूरी टिलेमैन्स ने एक्स्ट्रा टाइम के बिल्कुल आखिरी सेकेंड्स में गोल दागकर बेल्जियम को वो जीत दिलाई, जो सदियों तक याद रखी जाएगी। एक दिलचस्प रिकॉर्ड: फीफा वर्ल्ड कप के पिछले 11 सीजन के नॉकआउट मुकाबलों में यह सिर्फ दूसरा मौका है, जब कोई टीम 2 या उससे ज्यादा गोल से पिछड़ने के बाद मैच जीती हो। मजेदार बात ये है कि इससे पहले 2018 के वर्ल्ड कप में जापान के खिलाफ भी ऐसा ही अविश्वसनीय उलटफेर खुद बेल्जियम ने ही किया था। मैच के शुरुआती 80 मिनटों की कहानी सिर्फ और सिर्फ सेनेगल के नाम रही। खेल के 25वें मिनट में हबीब दियारा ने शानदार गोल दागकर सेनेगल को 1-0 की बढ़त दिला दी। 

आखिरी मिनटों में किया गोल 

इसके बाद दूसरे हाफ के शुरू होते ही (51वें मिनट) इस्माइला सार ने इस पूरे टूर्नामेंट का वन ऑफ द बेस्ट गोल किया। सार ने मूसर नियाकाते के एक लंबे पास को हवा में ही कमाल के फर्स्ट-(टच) से कंट्रोल किया और बेल्जियम के स्टार गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ को छकाते हुए गेंद को नेट में डाल दिया। स्कोर 2-0 हो चुका था। हालांकि, इसके बाद
बेल्जियम ने सेनेगल को हराया
कोर्टुआ ने कुछ बेहतरीन सेव किए, जिसने बेल्जियम को मैच में जिंदा रखा। जब घड़ी की सुइयां बेल्जियम की विदाई का इशारा कर रही थीं, तभी खेल के 86वें मिनट में देश के ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर रोमेलु लुकाकु ने गेंद को नेट में उलझाकर स्कोर 2-1 कर दिया। 

पेनल्टी शूटआउट के लिए थो तैयार 

बेल्जियम की उम्मीदें अभी जागी ही थीं कि ठीक 3 मिनट बाद (89वें मिनट) यूरी टिलेमैन्स ने एक ऐसा रॉकेट शॉट दागा कि सेनेगल का गोलकीपर देखता रह गया। मैच 2-2 की बराबरी पर आ चुका था और मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में खिंच गया। एक्स्ट्रा टाइम का खेल भी खत्म होने की कगार पर था। दोनों टीमें और मैदान पर मौजूद फैंस पेनल्टी शूटआउट के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार कर चुके थे। तभी आखिरी पलों में टिलेमैन्स को सेनेगल के डी-बॉक्स के अंदर गिरा दिया गया। मैदान पर तनाव चरम पर था। 

पेनल्टी को गोल में किया तब्दील 

रेफरी ने VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) की मदद ली और बेल्जियम के पक्ष में पेनल्टी का फैसला सुनाया। मैच के 125वें मिनट (एक्स्ट्रा टाइम के स्टॉपेज-टाइम का 5वां मिनट) में टिलेमैन्स ने बेहद ठंडे दिमाग से इस पेनल्टी को गोल में तब्दील कर दिया। यह फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे देर से किया गया गोल बन गया है। इस गोल के साथ ही सेनेगल के खिलाड़ियों का दिल टूट गया और कई खिलाड़ी मैदान पर ही रो पड़े। 
रेफरी के इस फैसले से सेनेगल के खिलाड़ी इतने गुस्से में थे कि डिफेंडर पाथे सिस विरोध जताने के लिए पेनल्टी स्पॉट पर ही लेट गए, जिन्हें बाद में काफी समझा-बुझाकर उठाया गया। 

मैच के बाद बेहद भावुक नजर आए सेनेगल के कोच 

पापे थियाव ने कहा: "यह हार बहुत क्रूर है, इसे बर्दाश्त करना मुश्किल है। हम मैच में पूरी तरह हावी थे और 2-0 से आगे चल रहे थे, लेकिन फुटबॉल का खेल 85 मिनट का नहीं होता। बेल्जियम ने आखिरी पलों में जो किया, हम उसे संभाल नहीं पाए। जब पेनल्टी दी गई, तो हमें लगा कि वह गलत फैसला था। खिलाड़ियों ने विरोध किया, जो उनका हक था, लेकिन अंत में फैसला हमारे खिलाफ गया और हमारा सफर यहीं खत्म हो गया।"
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