प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से महासमुंद जिले की विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के जीवन में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित कमार परिवार अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। यहां स्थापित बहुउद्देशीय केन्द्र से कमार जनजातियों को आसानी से सुविधाएं और सहूलियत पहुंच रही है।
योजना के तहत जिले के कमार बहुल ग्राम धनसूली में वर्ष 2024 में बहुउद्देशीय केंद्र बनाने की स्वीकृति मिली थी। धनसूली में कमार जनजाति की जनसंख्या 86 है, जबकि गांव में कमार परिवारों की संख्या 20 है। जुलाई 2025 से गांव में बहुउद्देशीय केंद्र का संचालन शुरू हो गया है। इन केंद्रों में आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन की सुविधा उपलब्ध है।
बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देकर उनके भविष्य की मजबूत नींव तैयार की जा रही है। वहीं भवन में बने स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र में कमार परिवारों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया जाता है। योजना की शुरुआत में जिला प्रशासन द्वारा कमार जनजाति की बस्तियों का व्यापक सर्वेक्षण कराया गया था। सर्वे में सामने आया कि बड़ी संख्या में परिवार आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते और जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों से वंचित थे। साथ ही कई बस्तियों में सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।दो मॉडल बहुउद्देशीय केंद्रों को मिली मंजूरी
सर्वे के आधार पर तैयार कार्ययोजना के अनुसार शासन द्वारा दो बहुउद्देशीय केंद्रों की स्वीकृति दी गई, जो अब संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए खेल परिसर, ओपन जिम और किचन गार्डन जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पिथौरा विकासखंड के भिथीडीह में नवीन आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन भी प्रारंभ कर दिया गया है। इससे क्षेत्र के बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं।