विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शासकीय भूमि की सुरक्षा और भू-माफियाओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में दुर्ग जिले में जिला प्रशासन लगातार अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
धमधा तहसील के ग्राम बसनी में लंबे समय से शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने शासकीय भूमि पर झटका तार लगाकर खरीफ और रबी फसलों की खेती शुरू कर दी थी। शिकायत मिलने पर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच के बाद बेदखली आदेश जारी
तहसीलदार धमधा ने हल्का पटवारी से प्रतिवेदन प्राप्त कर राजस्व प्रकरण में विस्तृत जांच और सुनवाई की। तथ्यों की पुष्टि होने के बाद संबंधित कब्जाधारियों के खिलाफ विधिवत बेदखली आदेश पारित किया गया। आदेश के पालन में 22 जून 2026 को राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत बसनी के संयुक्त प्रयास से व्यापक कार्रवाई कर शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। तहसीलदार मीना साहू ने बताया कि कार्रवाई के दौरान सेवाराम लोधी द्वारा शासकीय खसरा नंबर 1077 की 20 डिसमिल और खसरा नंबर 1188 की 0.34 हेक्टेयर भूमि पर किए गए कब्जे को हटाया गया। इसी प्रकार राजकुमार लोधी के कब्जे से 7 डिसमिल और राजकपूर लोधी के कब्जे से 13 डिसमिल शासकीय भूमि मुक्त कराई गई। कार्रवाई के दौरान शिवकुमार मौर्य द्वारा खसरा नंबर 1077 की 8 डिसमिल भूमि और खसरा नंबर 1076 की 0.19 हेक्टेयर भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को भी हटाया गया। भूमि पर लगाए गए झटका तार को हटाकर जमीन को शासन के पक्ष में सुरक्षित किया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और विधिसम्मत ढंग से संपन्न हुई।संयुक्त टीम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक धमधा, राजस्व निरीक्षक पेण्ड्रावन, हल्का पटवारी और ग्राम पंचायत सचिव मौजूद रहे। प्रशासनिक अमले ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। जिला प्रशासन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भू-माफियाओं, अवैध कब्जाधारियों और शासकीय भूमि का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस निर्णायक कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष और विश्वास का माहौल है। शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की इस पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।