रायपुर जिले के धरसीवा क्षेत्र की सिलयारी चौकी से जुड़े नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप मामले ने तूल पकड़ लिया है। जानकारी के अनुसार 18 अप्रैल को एक नाबालिग बालिका के लापता होने की सूचना परिजनों द्वारा सिलयारी चौकी में दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती चरण में मामले को गंभीर अपराध मानने के बजाय केवल गुमशुदगी के रूप में दर्ज किया गया। जांच के दौरान यह मामला केवल लापता होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और जांच की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। आरोप है कि समय पर उचित कार्रवाई नहीं होने से जांच प्रभावित हुई।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
बढ़ते विवाद और जांच में लापरवाही के आरोपों के बीच प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सिलयारी चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को लेकर सिलयारी चौकी के पूरे स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारें ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि मामले को दबाने और लापरवाही बरतने का प्रयास किया गया। कांग्रेस ने पूरे मामले की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग की है।आंदोलन और प्रशासन पर दबाव
घटना के विरोध में कांग्रेस ने धरसीवा क्षेत्र में प्रदर्शन करते हुए पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग उठाई। लगातार बढ़ते जनदबाव के बीच प्रशासन ने कार्रवाई की, जिसमें चौकी प्रभारी का निलंबन और आरोपियों की गिरफ्तारी शामिल है। यह मामला अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। विपक्ष ने सरकार और स्थानीय विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी है और पुलिस की ओर से अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
