छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत सुशासन को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को कोरिया जिले के जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत तरगवां में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाना और पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभ प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण भी किया गया।
सहायक उपकरणों का लाभ
शिविर के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इस अवसर पर ग्राम कसरा निवासी जगमोहन (पिता सुखदेव) को चलने-फिरने में सुविधा हेतु ट्राइसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनके आवागमन में अब काफी आसानी होगी। इसी प्रकार ग्राम कुसुमदुगा निवासी 72 वर्षीय बालकृष्ण (पिता जानसाय) तथा ग्राम चेरवापारा निवासी 80 वर्षीय धनसाय (पिता ननका) को व्हीलचेयर प्रदान कर लाभान्वित किया गया। इसके अतिरिक्त छह अन्य वरिष्ठ नागरिकों को छड़ी एवं दैनिक जीवन में उपयोगी सहायक उपकरण वितरित किए गए।
जनसंवाद आधारित शिविर
संवेदनशीलता का प्रत्यक्ष अनुभव
शिविर के सबसे आकर्षक और दिल को छू लेने वाले हिस्से में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। ग्राम कसरा, कुसुमदुगा और चेरवापारा के लाभार्थियों को प्रदान की गई ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर और अन्य उपकरणों ने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता की भावना को बढ़ाया। लाभार्थियों ने बताया कि अब उन्हें रोजमर्रा के कार्यों और सामाजिक गतिविधियों में आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे उनका जीवन अधिक सक्रिय और संतुलित बनेगा। इससे यह स्पष्ट हुआ कि शासन न केवल योजनाओं की घोषणा करता है, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करने और वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचाने में भी गंभीर है।
