Gangalur Health Team: एक ही शिविर में 159 लोगों की जांच, टीबी स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य योजनाओं का मिला लाभ
Gangalur Health Team: सेवा संकल्प अभियान के तहत गंगालूर बाजार में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों को जांच, उपचार, दवा वितरण और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया। शिविर में ओपीडी, टीबी स्क्रीनिंग, एक्स-रे, मलेरिया जांच, आयुष्मान कार्ड, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं।
Gangalur Health Team: सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण गंगालूर में देखने को मिला, जहां ग्रामीणों को एक ही स्थान पर जांच, उपचार और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। गंगालूर बाजार में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 159 लोगों की ओपीडी, 114 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 151 एक्स-रे जांच की गई। साथ ही मलेरिया एवं एनसीडी स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड, जेनेरिक दवाओं, टीकाकरण और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों को मिला।
आयोजित शिविर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ के तहत महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की जांच एवं उपचार के साथ 89 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 12 महिलाओं की जांच और 4 मलेरिया पीएफ पॉजिटिव मामलों की पहचान की गई।
गंगालूर शिविर में जांच से लेकर दवा तक की सुविधा उपलब्धस्वास्थ्य सेवाओं के साथ मितानिनों का सम्मान
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के स्टॉल पर जेनेरिक दवाओं की जानकारी देते हुए आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। वहीं टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 114 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 151 एक्स-रे जांच कर संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच एवं उपचार से जोड़ा गया। शिविर में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिया गया। गर्भवती महिलाओं की जांच एवं पंजीयन किया गया, जबकि बच्चों को पेंटा और एमआर के टीके लगाए गए। अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली मितानिनों को सरपंच की उपस्थिति में श्रीफल एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प से ग्रामीणों को मिला स्वास्थ्य लाभ
गंगालूर का यह शिविर सेवा संकल्प की उस भावना को रेखांकित करता है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को केवल स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें लोगों के करीब ले जाने पर जोर है। जांच से लेकर उपचार, दवा, टीबी की पहचान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया।