Seva Sankalp Abhiyan: किसान समृद्धि योजना से बदली खेती, अब धान के साथ सब्जियों से भी बढ़ी आमदनी
Seva Sankalp Abhiyan: किसान समृद्धि योजना के तहत 43 हजार रुपये की अनुदान सहायता मिलने से किसान मनोज कुमार छेदैया के खेत में नलकूप और पंप की सुविधा विकसित हुई। इससे वर्षा पर निर्भरता कम हुई और समय पर सिंचाई संभव हो सकी। अब वे खरीफ सीजन के बाद भी अन्य फसलों की खेती कर अपनी कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
Seva Sankalp Abhiyan: ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने के साथ आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं, इसी क्रम में खैरागढ़- छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम कोरवा निवासी किसान मनोज कुमार छेदैया कृषि क्षेत्र में आए सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण हैं। कृषि विभाग की किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के लिए प्राप्त 43 हजार रुपए की अनुदान सहायता ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से अब उनके खेतों में सालभर फसल उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं और कृषि से होने वाली आमदनी में भी वृद्धि हुई है। किसान छेदैया के पास लगभग चार एकड़ कृषि भूमि है। पहले सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खेती के लिए मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता था।
किसान समृद्धि योजना से मिली सिंचाई सुविधा
वर्षा की अनिश्चितता और समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों का उत्पादन प्रभावित होता था, विशेषकर खरीफ सीजन के बाद अन्य फसलों की खेती करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सीमित सिंचाई सुविधा के कारण वे अपनी कृषि भूमि का समुचित उपयोग नहीं कर पा रहे थे, जिससे परिवार की आमदनी भी सीमित थी। कृषि विभाग द्वारा संचालित किसान समृद्धि योजना छेदैया के लिए लाभकारी साबित हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के लिए 43 हजार रुपए की अनुदान सहायता प्राप्त हुई। इस राशि की सहायता से उन्होंने अपने खेत में नलकूप खनन करवाया और सिंचाई पंप स्थापित किया। इससे खेतों तक पानी पहुंचाने की सुविधा विकसित हुई और वर्षा पर निर्भरता कम हुई।
खेत में फसल का निरीक्षण करते किसान मनोज कुमार छेदैया, सिंचाई सुविधा से खेती को मिली नई दिशा
सिंचाई सुविधा से धान और सब्जियों की खेती को बढ़ावा
अब वे फसलों की आवश्यकता के अनुसार समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे खेती के बेहतर प्रबंधन के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिली है। धान के साथ सब्जियों की खेती से बढ़े आय के अवसर सिंचाई सुविधा विकसित होने के बाद छेदैया की कृषि गतिविधियों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पहले जहां पानी की कमी के कारण खेती की पैदावार सीमित रहती थी, वहीं अब वे धान के साथ सब्जियों एवं अन्य फसलों की खेती भी कर पा रहे हैं। नियमित सिंचाई की सुविधा मिलने से फसलों की बढ़वार और उत्पादन में सुधार हुआ है। इससे कृषि आधारित आय के नए अवसर विकसित हुए हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। अब वे अपनी चार एकड़ कृषि भूमि का पहले की तुलना में बेहतर उपयोग कर रहे हैं।
शासन की सहायता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
किसान छेदैया बताते हैं कि पहले सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से खेती में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पानी की कमी के कारण फसलों का उत्पादन प्रभावित होता था और अतिरिक्त फसल लेने की संभावना भी सीमित रहती थी। किसान समृद्धि योजना का लाभ मिलने के बाद उनकी यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। नलकूप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध होने से अब वे समय पर फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सहायता से खेती में सुधार आया है और परिवार की आमदनी बढ़ने के साथ आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है। छेदैया ने किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मिली सहायता के लिए शासन-प्रशासन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।