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5 जिलों में छापेमारी और नकदी जब्ती कार्रवाई
5 जिलों में छापेमारी और नकदी जब्ती कार्रवाई
रायपुर

घोटाला : ED की 5 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी, 1 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) कथित घोटाले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को राज्य के रायपुर, धमतरी, दुर्ग, कोरबा और अंबिकापुर सहित पांच जिलों में एक साथ 9 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में 1 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब नकदी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 17 Jun 2026, 02:29 PM · अपडेट: 30 Oct 2026, 11:15 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई रायपुर, धमतरी, दुर्ग, कोरबा और अंबिकापुर में की गई, जिससे पूरे प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में हड़कंप मच गया।

ED की रायपुर जोनल टीम ने कुल 9 ठिकानों पर छापे मारे, जिनमें 4 आवासीय परिसर और 5 कारोबारी प्रतिष्ठान शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (Central Reserve Police Force) की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी तरह की बाधा या हस्तक्षेप को रोका जा सके।

कोरबा और धमतरी में सबसे ज्यादा नकदी बरामद

छापेमारी के दौरान ED को 1 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब नकदी मिली है। सूत्रों के अनुसार सबसे बड़ी बरामदगी कोरबा और धमतरी जिलों में स्थित ठिकानों से हुई है। जांच के दायरे में कई बड़े कारोबारी और फर्मों के नाम सामने आए हैं, जिनमें प्रकाश सालुंके, किशोर एग्रो से जुड़े शाश्वत लुनावत, मानसून एग्रो के प्रमोटर राजेश गुप्ता और दीपेश गांधी सहित अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। ED इन सभी के आर्थिक लेनदेन और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान ED को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस मिले हैं। एजेंसी अब इन सभी साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि धन के प्रवाह और लाभार्थियों की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

सप्लाई सिस्टम के जरिए फंड डायवर्जन का शक

जांच एजेंसी को आशंका है कि DMF फंड, जो खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए होता है, उसे रूप से ठेकेदारों, सप्लायरों और बिचौलियों के जरिए डायवर्ट किया गया। इसमें सरकारी टेंडरों में 25% से 40% तक कमीशन लेने के आरोप भी सामने आए हैं। Enforcement Directorate का उद्देश्य अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और लाभार्थियों तक पहुंचना है। बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। इस मामले में पहले भी पूर्व कोरबा कलेक्टर रानू साहू, पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया और बिचौलिए सूर्यकांत तिवारी जैसे नाम जांच में आ चुके हैं। वर्ष 2024 और 2025 में भी ED ने कई बार छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियां अटैच की थीं।

क्या है DMF घोटाला मामला

DMF scam case Chhattisgarh जांच के अनुसार जिला खनिज न्यास (DMF) फंड से जुड़े टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। EOW ने ED की रिपोर्ट के आधार पर 120B और 420 जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि टेंडर आवंटन में 25% से 40% तक कमीशन का खेल चला। आरोप है कि ठेकेदारों और बिचौलियों ने मिलकर सरकारी योजनाओं की राशि का दुरुपयोग किया और अवैध रूप से लाभ कमाया। ED ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन जांच तेज कर दी गई है। आने वाले दिनों में पूछताछ, गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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