Habeebi Release Date: अगर आप OTT पर ऐसी फिल्म तलाश रहे हैं जिसमें प्यार के साथ परिवार, रिश्तों की गहराई और पुरानी यादों का एहसास हो, तो तमिल फिल्म ‘हबीबी’ आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। 1980 के दशक की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म को IMDb पर 9.2 की शानदार रेटिंग मिली है। खास बात यह है कि इसे दर्शक हिंदी डब वर्जन में भी देख सकेंगे। यह फिल्म सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि बदलते दौर, खत्म होती हथकरघा परंपरा और एक परिवार की भावनात्मक यात्रा को भी दिखाती है।
Sony LIV पर इस दिन होगी रिलीज
तमिल पीरियड Romantic Family Drama ‘हबीबी’ अब OTT प्लेटफॉर्म Sony LIV पर रिलीज होने जा रही है। फिल्म 25 सितंबर 2026 से स्ट्रीम होगी। दर्शक इसे तमिल के अलावा हिंदी डब वर्जन में भी देख पाएंगे। फिल्म का निर्देशन मीरा कथिरवन ने किया है। इसमें ईशा एम., कस्तूरी राजा और मालविका मनोज सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
क्या है ‘हबीबी’ की कहानी ?
फिल्म की कहानी दक्षिणी तमिलनाडु के एक मुस्लिम बुनकर समुदाय के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी 1980 के दशक की है, जब पारंपरिक हथकरघा उद्योग धीरे-धीरे आधुनिक मशीनों और पावर लूम के कारण कमजोर पड़ रहा था। कहानी में मोहम्मद यूसुफ (कस्तूरी राजा) एक बुजुर्ग बुनकर हैं, जो अपनी पुश्तैनी हथकरघा कला को बचाए रखना चाहते हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा अबूताहिर (ईशा एम.) परिवार के इस पारंपरिक काम को आगे बढ़ाएगा। लेकिन अबूताहिर की जिंदगी में एक अलग ही संघर्ष चल रहा होता है। वह अपनी चचेरी बहन निलोफर (मालविका मनोज) से प्यार करता है। दोनों एक ही समुदाय से हैं, लेकिन सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियां उनके रिश्ते को आसान नहीं बनातीं।
फिल्म की कहानी दक्षिणी तमिलनाडु के एक मुस्लिम बुनकर समुदाय के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी 1980 के दशक की है, जब पारंपरिक हथकरघा उद्योग धीरे-धीरे आधुनिक मशीनों और पावर लूम के कारण कमजोर पड़ रहा था। कहानी में मोहम्मद यूसुफ (कस्तूरी राजा) एक बुजुर्ग बुनकर हैं, जो अपनी पुश्तैनी हथकरघा कला को बचाए रखना चाहते हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा अबूताहिर (ईशा एम.) परिवार के इस पारंपरिक काम को आगे बढ़ाएगा। लेकिन अबूताहिर की जिंदगी में एक अलग ही संघर्ष चल रहा होता है। वह अपनी चचेरी बहन निलोफर (मालविका मनोज) से प्यार करता है। दोनों एक ही समुदाय से हैं, लेकिन सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियां उनके रिश्ते को आसान नहीं बनातीं।
प्यार के साथ दिखेगा बदलते समाज का दर्द
‘हबीबी’ में प्रेम कहानी के साथ उस दौर के सामाजिक बदलावों को भी करीब से दिखाया गया है। फिल्म में बताया गया है कि कैसे पावर लूम आने के बाद कई बुनकर परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई। इसके अलावा खाड़ी देशों की ओर बढ़ते रोजगार के लिए पलायन को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है। उस दौर में परिवारों के बीच दूरी बढ़ती थी और रिश्ते चिट्ठियों व कैसेट रिकॉर्डिंग के जरिए जुड़े रहते थे। फिल्म में कोई बड़ा खलनायक नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी, परंपराएं, परिवार की उम्मीदें और समय के साथ बदलती परिस्थितियां ही कहानी को आगे बढ़ाती हैं।

