गर्मी के मौसम में सिर की त्वचा यानी स्कैल्प में पसीना अधिक आने लगता है। लंबे समय तक नमी बने रहने से खुजली, चिपचिपाहट, बदबू और डैंड्रफ जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन के अनुसार, सही हेयर केयर रूटीन और खानपान से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्कैल्प पर पसीना, धूल और अतिरिक्त तेल जमा होने से रोमछिद्र बंद हो सकते हैं। इससे बाल चिपचिपे दिखते हैं, खुजली हो सकती है और डैंड्रफ की समस्या भी बढ़ सकती है। तेज धूप और गर्म हवा बालों को रूखा व बेजान बना सकती है।
गर्मियों में बहुत अधिक तेल लगाने से बचना चाहिए। जरूरत हो तो हल्के गुनगुने आंवला तेल से थोड़ी देर मसाज करें और कुछ समय बाद बाल धो लें। तेल को लंबे समय तक स्कैल्प पर न छोड़ें। शरीर में पानी की कमी का असर त्वचा और बालों पर भी पड़ता है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और स्कैल्प की सेहत बेहतर रखने में मदद मिलती है।
एलोवेरा जेल का इस्तेमाल
एलोवेरा जेल स्कैल्प को ठंडक और नमी दे सकता है। ताजे एलोवेरा जेल को स्कैल्प पर हल्के हाथों से लगाएं, कुछ देर बाद पानी से धो लें। जलन या एलर्जी महसूस होने पर इसका उपयोग बंद कर दें। एप्पल साइडर विनेगर को सीधे स्कैल्प पर न लगाएं। इसे पानी में अच्छी तरह मिलाकर ही इस्तेमाल करें। इससे स्कैल्प की चिपचिपाहट कम करने में मदद मिल सकती है। संवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले पैच टेस्ट जरूर करें। गुलाब जल का हल्का स्प्रे स्कैल्प को फ्रेश महसूस करा सकता है। इसे सप्ताह में एक-दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर खुजली या जलन बढ़े तो उपयोग बंद कर दें।टाइट हेयरस्टाइल से बचें
गर्मियों में बहुत कसे हुए जूड़े, पोनीटेल या हेयर क्लिप लगाने से पसीना और गर्मी बढ़ सकती है। बालों को ढीला रखें ताकि हवा स्कैल्प तक पहुंच सके और पसीना जल्दी सूख सके।
हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लर जैसे गर्म उपकरण बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जहां तक संभव हो, बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें और हीट स्टाइलिंग कम करें।गर्मियों में हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लर जैसे हीट टूल्स का ज्यादा इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे स्कैल्प में गर्मी और पसीने की समस्या भी बढ़ सकती है। जहां तक संभव हो, बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने दें और बिना हीट वाली हेयर स्टाइलिंग को प्राथमिकता दें।