जिले की जिला जेल से सामने आई स्वास्थ्य संबंधी एक महत्वपूर्ण जानकारी ने जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में जिला अस्पताल में कराई गई नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान जेल में निरुद्ध चार बंदियों की रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव पाई गई है। मामले की पुष्टि होते ही जेल प्रशासन ने स्वास्थ्य सुरक्षा और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। जानकारी के अनुसार एचआईवी संक्रमित पाए गए सभी बंदियों को जेल अस्पताल के माध्यम से नियमित रूप से आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण समय-समय पर कराया जा रहा है ताकि संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
विशेषज्ञ परामर्श के लिए सिम्स भेजे जा रहे बंदी
जेल प्रशासन ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर संक्रमित बंदियों को बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल भेजा जाता है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनकी विस्तृत जांच और परामर्श किया जाता है। एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) समेत अन्य जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि संक्रमित बंदियों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। एचआईवी संक्रमण की पुष्टि के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित बंदियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और मेडिकल इतिहास की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण कब और किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और मामले की जांच जारी है।जेल परिसर में स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए
मामले के सामने आने के बाद जेल परिसर में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां और जागरूकता गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। अन्य बंदियों की स्वास्थ्य जांच, नियमित स्क्रीनिंग और परामर्श सत्र आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर पहचान और उपचार से एचआईवी संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है तथा संक्रमण को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित बंदियों का इलाज निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही जेल के भीतर स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
