जांजगीर-चांपा जिले के चर्चित करही गोलीकांड मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान ऑपरेशन हंट के तहत करीब एक माह तक चली गहन जांच के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई गई। पुलिस अब भी मामले के मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि 23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई थी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर संभाली कमान
‘ऑपरेशन हंट’ बना जांच की सफलता की कुंजी
प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय सीधे करही पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने ऑपरेशन हंट शुरू कर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। इसी अभियान के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई जा सकी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच लंबे समय से आर्थिक लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रभाव और व्यवसायिक सफलता से आरोपी नाराज थे। इसी रंजिश और प्रतिस्पर्धा की भावना के चलते हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम करही निवासी हेमंत कुमार बघेल (23 वर्ष), भूषण बघेल (23 वर्ष) और अमित टंडन (28 वर्ष) शामिल हैं।
पहले CCTV तोड़ा, फिर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने इस बहुचर्चित हत्याकांड के खुलासे पर पूरी टीम की सराहना की है। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है। जांजगीर-चांपा पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
