छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को स्मार्ट और जाम-मुक्त बनाने के लिए रायपुर नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से छुड़ाने के लिए निगम प्रशासन ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसी कड़ी में गुरुवार को निगम की 'पीला पंजा' (बुलडोजर) टीम ने जोन-1 क्षेत्र में एक बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया।
नगर निगम की उड़नदस्ता और राजस्व टीम ने जोन-1 के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्ग हॉटस्पॉट होटल पैराडाइज से लेकर गोंदवारा अंडरब्रिज तक सघन अभियान चलाया। इस व्यस्त मार्ग पर लंबे समय से दुकानदारों और स्थानीय लोगों द्वारा सड़क किनारे अवैध रूप से तंबू, शेड और ठेले लगाकर कब्जा किया गया था, जिससे हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती थी।
निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सख्त रुख अपनाया और देखते ही देखते करीब 20 बड़े अवैध कब्जों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ जगहों पर आंशिक विरोध भी देखने को मिला, लेकिन भारी पुलिस बल और निगम अधिकारियों की मुस्तैदी के आगे अतिक्रमणकारियों की एक न चली। सड़क किनारे से अवैध दुकानें और ठेले हटने के बाद यह मार्ग अब पूरी तरह से कब्जामुक्त और चौड़ा नजर आने लगा है।
15 अवैध पाटों पर चला हथौड़ा, नालियों की सफाई का रास्ता साफ
इस अभियान का एक मुख्य उद्देश्य मानसून से पहले शहर के ड्रेनेज सिस्टम (नाली व्यवस्था) को सुधारना भी है। कार्रवाई के दौरान टीम ने नाली के ऊपर अवैध रूप से बनाए गए 15 पक्के और कच्चे पाटों (स्लैब) को कंक्रीट कटर और जेसीबी की मदद से तोड़ दिया।
क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई? निगम अधिकारियों के मुताबिक, दुकानदारों द्वारा नालियों के ऊपर पक्के पाटे बना लेने के कारण सफाई कर्मचारी नाली के भीतर उतरकर कचरा नहीं निकाल पा रहे थे। इसके चलते हल्की बारिश में भी नाली का पानी सड़कों पर बहने लगता था और जलभराव के साथ-साथ गंभीर गंदगी की समस्या पैदा हो रही थी। अब इन पाटों के हटने से नालियों की गहरी सफाई सुचारू रूप से हो सकेगी, जिससे आने वाले दिनों में जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
बड़े अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
यह पूरी कार्रवाई रायपुर नगर निगम के आयुक्त संबित मिश्रा के कड़े और सीधे निर्देशों पर अमल में लाई गई। आयुक्त ने साफ कर दिया है कि शहर के विकास और आम जनता की सहूलियत के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान निगम का पूरा प्रशासनिक अमला खुद ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहा। अभियान का नेतृत्व जोन-1 के जोन कमिश्नर अंशुल शर्मा कर रहे थे। उनके साथ कार्यपालन अभियंता द्रोणी कुमार पैकरा, सहायक अभियंता शरद देशमुख और उप अभियंता अंकिता सोनवर्षा सहित भारी संख्या में निगम के कर्मचारी और पुलिस बल के जवान तैनात रहे, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
निगम की दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को चेतावनी
निगम प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से शहर के अन्य व्यापारिक क्षेत्रों के दुकानदारों को भी कड़ा संदेश दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दुकानों के बाहर सामान फैलाकर रखने, फुटपाथ घेरने या नालियों पर अवैध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, सड़कों पर बेतरतीब वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ भी जब्ती और जुर्माने की कार्रवाई तेज की जाएगी।
"आगे भी जारी रहेगा 'नो टॉलरेंस' अभियान"
रायपुर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में रायपुर के अन्य जोनों (जोन-2 से लेकर जोन-10 तक) के व्यस्त और रिहायशी इलाकों में भी इसी तरह का औचक निरीक्षण और अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। निगम का लक्ष्य रायपुर को न केवल सुंदर बनाना है, बल्कि यहां की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से सुगम और 'स्मार्ट' स्वरूप देना है। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है और निगम के इस कदम की सराहना की है।
