मानसून का सीजन खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। समय पर और पर्याप्त बारिश होने से फसलों की अच्छी पैदावार होती है, लेकिन बारिश कम होने पर सूखे की स्थिति बन सकती है। वहीं जरूरत से ज्यादा बारिश होने पर खेतों में पानी भरने और बाढ़ जैसी स्थिति से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस साल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों को फसल नुकसान से बचाव के लिए पहले से तैयारी करने की जरूरत है।
72 घंटे के भीतर करना होगा फसल नुकसान का दावा
प्राकृतिक आपदा, सूखा, अतिवृष्टि या ओलावृष्टि से फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को मुआवजा पाने के लिए 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को इसकी सूचना देना जरूरी होता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत यह प्रक्रिया अनिवार्य रखी गई है। किसान अगर समय पर नुकसान की जानकारी देते हैं तो उन्हें बीमा क्लेम की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते फसल बीमा के लिए पंजीयन कराएं, ताकि आपदा की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सके।31 जुलाई तक करा सकते हैं फसल बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 जुलाई 2026 तक आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक है, इसलिए कृषि विभाग ने किसानों से जल्द से जल्द पंजीयन कराने की अपील की है। किसान फसल बीमा से जुड़ी जानकारी या शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग, राजस्व विभाग या संबंधित बीमा कंपनी को भी फसल नुकसान की सूचना दी जा सकती है।