International Yagya Day: हनुमान जोहड़ी धाम में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय यज्ञ दिवस के अवसर पर 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन 17 सितंबर को जगदगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट 1008 हरिओम महाराज के सानिध्य में संपन्न होगा। महायज्ञ को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए हनुमान जोहड़ी धाम के महंत बालयोगी चरणदास महाराज के नेतृत्व में तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
108 यज्ञ कुंडों का निर्माण पूरा
महायज्ञ के लिए विशेष रूप से हवन कुंडों का निर्माण कराया जा रहा है। बिहार से पहुंचे राजमिस्त्री हरीशचंद और हलकेश द्वारा 108 यज्ञ कुंडों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। यज्ञ से विश्व शांति और पर्यावरण शुद्धि का संदेश हनुमान जोहड़ी धाम के महंत बालयोगी चरणदास महाराज ने बताया कि यज्ञ सनातन संस्कृति की प्राचीन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गायत्री महामंत्र के साथ किए जाने वाले यज्ञ को आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया गया है।
विश्व शांति का संदेश देगा यज्ञ
उन्होंने कहा कि 108 यज्ञ कुंडों में गायत्री मंत्र के साथ आहुति देना श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और आध्यात्मिक अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण का संदेश भी दिया जाएगा। "हर घर यज्ञ, घर-घर यज्ञ" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील महंत चरणदास महाराज ने भिवानी सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से महायज्ञ की शुरुआत होगी। आयोजन को लेकर स्थानीय लोग भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय यज्ञ दिवस पर आयोजित होने वाला यह 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ क्षेत्र में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का बड़ा केंद्र बनने की उम्मीद है।

