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बजाज आँटो का EV प्लांट और सब्सिडी विवाद
बजाज आँटो का EV प्लांट और सब्सिडी विवाद
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 निवेश पर संकट :  सब्सिडी विवाद से नाराज बजाज ऑटो, महाराष्ट्र से बाहर जा सकता है अगला EV प्लांट  

सब्सिडी और इंसेंटिव भुगतान में देरी से नाराज बजाज ऑटो अपने अगले इलेक्ट्रिक वाहन (EV) प्लांट के विस्तार को महाराष्ट्र से बाहर ले जाने पर विचार कर रही है। तमिलनाडु और तेलंगाना इस निवेश को आकर्षित करने की दौड़ में शामिल हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 24 Jun 2026, 02:08 PM · अपडेट: 03 Oct 2026, 01:21 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल बजाज ऑटो अपने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) कारोबार के विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। महाराष्ट्र सरकार के साथ सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) से जुड़े विवाद के कारण कंपनी अब अपने अगले इलेक्ट्रिक वाहनों विस्तार के लिए दूसरे राज्यों की संभावनाएं तलाश रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस निवेश को आकर्षित करने की दौड़ में तमिलनाडु सबसे आगे नजर आ रहा है। 

यदि बजाज ऑटो अपने नए ईवी प्लांट के लिए तमिलनाडु का चयन करती है, तो यह राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिहाज से बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। राज्य सरकार पहले भी कई बड़ी कंपनियों के साथ निवेश और रोजगार से जुड़े समझौते कर चुकी है। ऐसे में बजाज का संभावित निवेश तमिलनाडु के ऑटोमोबाइल सेक्टर को और मजबूती दे सकता है।

ग्राहकों को दी छूट, लेकिन अटका रिइंबर्समेंट

महाराष्ट्र की ईवी पॉलिसी 2021 के तहत वाहन निर्माता कंपनियों को बिक्री के समय ही ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ देना होता है। बाद में सरकार उस राशि का भुगतान कंपनियों को करती है। बजाज ऑटो ने इस व्यवस्था के तहत ग्राहकों को रियायत दी, लेकिन सूत्रों के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 से कंपनी के करीब 60 प्रतिशत सब्सिडी दावे अब भी लंबित हैं। इससे कंपनी पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ा है। 

2000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश  

बजाज ऑटो महाराष्ट्र के चाकन, आकुर्डी और वालुज स्थित संयंत्रों में पहले ही 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर चुकी है। इन इकाइयों में प्रीमियम मोटरसाइकिलों के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का उत्पादन किया जाता है। कंपनी ने करीब डेढ़ साल पहले PSI योजना के तहत पात्रता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक उसे मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसी प्रमाणपत्र के आधार पर इंसेंटिव का दावा किया जा सकता है।

नए निवेश के लिए अन्य राज्यों से चल रही बातचीत

सूत्रों के मुताबिक, बजाज ऑटो फिलहाल कई राज्यों के साथ निवेश को लेकर चर्चा कर रही है। बेहतर औद्योगिक ढांचा, विकसित ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम और बंदरगाहों से मजबूत कनेक्टिविटी के कारण तमिलनाडु सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं तेलंगाना भी कंपनी को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।

दक्षिण भारत में पहला बड़ा उत्पादन निर्माण 

यदि बजाज ऑटो तमिलनाडु या किसी अन्य दक्षिण भारतीय राज्य में नया संयंत्र स्थापित करती है, तो यह दक्षिण भारत में कंपनी का पहला बड़ा उत्पादन निर्माण प्लांट होगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश के ईवी सेक्टर में भी प्रतिस्पर्धा और निवेश को नई गति मिल सकती है। 

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