कलचुरी मार्शल आर्ट एकेडमी द्वारा आत्मानंद पब्लिक स्कूल, कटघोरा में 11 जून से 15 जून तक पांच दिवसीय कराटे प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य छात्रों में आत्मरक्षा कौशल, अनुशासन और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि एम. एस. कवर (प्राचार्य, आत्मानंद पब्लिक स्कूल) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज यादव (यादव समाज प्रमुख) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में कन्हैया यादव गुरुजी तथा मुख्य प्रशिक्षक से. शिवशंकर जायसवाल (मार्शल आर्ट ब्लैक बेल्ट) मंच पर उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्य अतिथि एम. एस. कवर ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन काल से ही व्यायाम और योग का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने रामायण काल का उदाहरण देते हुए बताया कि शारीरिक अभ्यास से ही मानसिक और शारीरिक शक्ति का विकास होता है। उन्होंने कहा— “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है।” नियमित व्यायाम से आत्मरक्षा क्षमता के साथ-साथ एकाग्रता और फुर्ती भी बढ़ती है।
कराटे के स्वास्थ्य लाभ पर विचार
राज यादव ने कहा कि कराटे सीखने से शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और पाचन शक्ति मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि कराटे न केवल आत्मरक्षा का माध्यम है बल्कि यह जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। विशिष्ट अतिथि कन्हैया यादव ने कहा कि कराटे सीखना आज के समय की आवश्यकता है। इससे न केवल आत्मरक्षा संभव है बल्कि दूसरों की रक्षा करने की क्षमता भी विकसित होती है। उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।प्रशिक्षक का अनुभव और प्रशिक्षण की विशेषताएं
मुख्य प्रशिक्षक से. शिवशंकर जायसवाल ने बताया कि कटघोरा में जूडो-कराटे प्रशिक्षण की शुरुआत वर्ष 1994-95 में की गई थी और तब से निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक वे हजारों बच्चों को प्रशिक्षित कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि कराटे सीखने के लिए तीन मूल बातें जरूरी हैं—
- फुर्ती
- सटीक निशाना
- जोरदार आवाज (कियाई)
इन तकनीकों के अभ्यास से कोई भी व्यक्ति आत्मरक्षा में सक्षम बन सकता है।
छात्रों को दिए गए प्रशिक्षण और तकनीकें
शिविर के दौरान बच्चों को किक, पंच, हाई जंप, राउंड किक सहित विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ अभ्यास किया और नई तकनीकों को सीखा। कार्यक्रम में अन्या अनंत, अहाना जायसवाल, हर्ष यादव, दर्शिता जायसवाल, आर.बी. जायसवाल, सिद्धार्थ जायसवाल, आयरा शेख, संस्कृति जायसवाल, सायरा नेटी, साकार जायसवाल, मो. अतीक, वंशराज, भूमिका केवट, देवी केवट, धृति जायसवाल, एबीसा लाल, रियांशी भगत सहित अनेक छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन आर. के. यादव द्वारा किया गया। अंत में एस. एस. जायसवाल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा शिविर के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
