दहशत : घर में मिला 11 फीट किंग कोबरा, टीम ने सुरक्षित जंगल में छोड़ा
कोरबा वनमंडल के पसरखेत रेंज अंतर्गत ग्राम छुईढोड़ा में रविवार को एक 11 फीट लंबा किंग कोबरा घर में घुस गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सांप को सुरक्षित पकड़ लिया।
कोरबा वनमंडल के पसरखेत रेंज अंतर्गत ग्राम छुईढोड़ा में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक 11 फीट लंबा किंग कोबरा अचानक एक घर के अंदर घुस आया। घर में मौजूद लोगों ने जैसे ही विशाल विषैले सांप को देखा, तुरंत बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किंग कोबरा को सुरक्षित तरीके से काबू में लिया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि या वन्यजीव को नुकसान नहीं हुआ।
यह रेस्क्यू अभियान प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे के वन्यजीव संरक्षण निर्देशों, CCF बिलासपुर मनोज पांडेय तथा DFO कोरबा प्रेमलता यादव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
विशेषज्ञ टीम ने सुरक्षित पकड़ा किंग कोबरा
नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम से जितेंद्र सारथी और सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन ने मौके पर पहुंचकर अत्यंत सावधानीपूर्वक किंग कोबरा का रेस्क्यू किया। टीम ने सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया, जिससे अभियान पूरी तरह सफल रहा। रेस्क्यू के बाद सांप का स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक पंचनामा किया गया। इसके बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास यानी घने वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को देखा। उप वनमंडलाधिकारी (दक्षिण) की निगरानी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
कोरबा में अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का रेस्क्यू
DFO प्रेमलता यादव ने बताया कि कोरबा जिले में अब तक 50 से अधिक किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है। उन्होंने इसे मानव और वन्यजीव सह-अस्तित्व का बेहतरीन उदाहरण बताया और लोगों से सतर्कता बनाए रखने की अपील की।
किंग कोबरा भारत का सबसे लंबा विषैला सांप है और इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I के तहत सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है। यह अन्य सांपों की संख्या नियंत्रित कर पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी उपस्थिति किसी भी क्षेत्र के स्वस्थ वन होने का संकेत मानी जाती है।
कोरबा ही छत्तीसगढ़ में किंग कोबरा का प्रमुख क्षेत्र
विशेषज्ञों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कोरबा एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ किंग कोबरा पाया जाता है। इसके संरक्षण के लिए जेनेटिक्स और टेलीमेट्री स्टडी तथा कुछ वन क्षेत्रों को विशेष संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की आवश्यकता बताई गई है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार का सांप या वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और उसे नुकसान न पहुंचाएं। तुरंत 1926 हेल्पलाइन या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। साथ ही जितेंद्र सारथी की टीम कैमरा ट्रैप के जरिए वन्यजीवों की निगरानी और अवैध फंदों के खिलाफ अभियान भी चला रही है।