KCC ऋण वितरण में अनियमितता के मामले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा तोरेसिंहा के पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है जिसमें शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ युवराज नायक, पर्यवेक्षक राजकुमार प्रधान, श्याम सुंदर पटेल, कनिष्ठ लिपि हीरा सिंह ध्रुव व खिलेश्वर साहू शामिल है। यह कार्रवाई महासमुंद जिले के तोरेसिंहा शाखा अंतर्गत केना सहकारी समिति में सामने आए केसीसी ऋण फर्जीवाड़े की जांच में पाई गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
20 अधिक किसानों के खातों में हेरफेर
आदेश के अनुसार, केना सहकारी समिति में किसानों के नाम पर केसीसी ऋण वितरण में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा जांच दल गठित किया गया था। जांच में सामने आया कि 20 से अधिक किसानों के खातों से हेरफेर कर उनकी जानकारी के बिना ऋण राशि बढ़ाई गई तथा लाखों रुपये के केसीसी ऋण भी निकाल लिए गए है।
किसानों से ब्याज की वसूली नहीं
जांच दल की रिपोर्ट में सामने आए की ऋण राशि समय-सीमा के बाद जमा होने के बावजूद संबंधित किसानों से ब्याज की वसूली नहीं की गई। इससे बैंक के तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही और संलिप्तता की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में केना समिति में केसीसी ऋण वितरण में लगभग 1 करोड़ 77 लाख रुपये की अनियमितता का उल्लेख किया गया है।
पांच कर्मचारी हुए निलंबित
इन्हीं जांच तथ्यों के आधार पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने सांकरा में पदस्थ शाखा प्रबंधक युवराज नायक, तोरेसिंहा के पर्यवेक्षक राजकुमार प्रधान, भंवरपुर शाखा के पर्यवेक्षक श्याम सुंदर पटेल, तोरेसिंहा के कनिष्ठ लिपि हीरा सिंह ध्रुव व वर्तमान में भटगांव में प्रभारी सहायक लेखापाल के पद पर पदस्थ खिलेश्वर साहू को बैंक कर्मचारी सेवा विनियम 60 (तीन) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर नोडल कार्यालय महासमुंद से संबद्ध कर दिया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अपना प्रभार सौंपकर तत्काल नए पदस्थापना स्थल पर उपस्थित हों तथा इसकी सूचना मुख्यालय रायपुर को भेजें।
लिखित अनुमति के बिना नहीं छोड़ सकते मुख्यालय
आदेश में यह भी कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा। इस अवधि में वे सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे तथा किसी प्रकार के अवकाश के पात्र भी नहीं होंगे।