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किसानों को खाद वितरण
किसानों को खाद वितरण
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किसानों को राहत : खरीफ सीजन में नहीं होगी खाद की किल्लत, 36 हजार टन से ज्यादा स्टॉक तैयार

खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों में अब तक 36,264 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है, जबकि 16,338 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। विभाग संतुलित उर्वरक उपयोग, नैनो यूरिया के प्रचार और कालाबाजारी पर रोक के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 23 Jun 2026, 09:03 AM · अपडेट: 30 Oct 2026, 10:44 PM
महासमुंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
जिले में खाद भंडारण और वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। कृषि विभाग द्वारा जिले की सभी सहकारी समितियों एवं विक्रय केंद्रों में किसानों की आवश्यकता के अनुसार निरंतर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। ताकि किसानों को समय पर खेती कार्य के लिए आवश्यक उर्वरक मिल सके। 
किसान अब खरीफ फसल की तैयारी में जुट चुके है तथा सहकारी समितियों से खाद का उठाव कर रहें हैं। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि सहकारी समिति में अब तक 36 हजार 264 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 54.08 प्रतिशत है। जिसमें यूरिया 17 हजार 717 टन, सुपर फास्फेट 7 हजार 327 टन, पोटाश 2 हजार 709 टन, डी.ए.पी. 4 हजार 778 टन एवं 12ः32ः16 का 3 हजार 733 टन भण्डारण किया गया है।

उर्वरक का वितरण

वहीं कुल 16 हजार 338 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जो भंडारण के विरुद्ध 60.42 प्रतिशत है। उप संचालक कृषि कश्यप ने बताया विभाग द्वारा सभी विकासखंडों में खाद भंडारण एवं वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। शासन के निर्देशानुसार किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक यूरिया के साथ-साथ नैनो यूरिया के उपयोग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें तथा पॉस मशीन से रसीद अवश्य प्राप्त करें।

राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा सतत निगरानी का कार्य

साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी व अधिक मूल्य पर उर्वरकों के विक्रय पर अंकुश लगाने हेतु जिले भर में कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा सतत निगरानी का कार्य किया जा रहा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही खाद का उठाव करें तथा अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें। 
डीएपी एवं यूरिया के अत्यधिक उपयोग न करते हुए जैविक खाद, सुपर फास्फेट, पोटाश एवं नैनो यूरिया का संतुलित उपयोग करें, ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और उत्पादन में वृद्धि हो सके।
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