देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के शानदार नतीजे घोषित कर दिए हैं। दमदार प्रीमियम ग्रोथ और निवेश से तगड़ी कमाई के दम पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (समेकित शुद्ध लाभ) सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर ₹23,467 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹19,039 करोड़ था।
इस बंपर मुनाफे के साथ ही LIC के बोर्ड ने अपने निवेशकों को दोहरा तोहफा देते हुए डिविडेंड (लाभांश) और बोनस शेयर की रिकॉर्ड तारीखों (Record Dates) की भी घोषणा कर दी है।
डिविडेंड और बोनस शेयर का डबल गिफ्ट
LIC बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए निवेशकों को तगड़ा रिटर्न देने का फैसला किया है:
₹10 प्रति शेयर डिविडेंड: बोर्ड ने ₹10 के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹10 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। (बोनस इश्यू से पहले के आधार पर यह ₹20 प्रति शेयर के बराबर है)।
डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट: लाभांश पाने के लिए योग्य निवेशकों को तय करने की रिकॉर्ड तारीख 25 जून तय की गई है।
1:1 बोनस शेयर: LIC ने पहले ही 1:1 बोनस इश्यू के लिए 29 मई को रिकॉर्ड डेट के रूप में तय किया है। बोनस इक्विटी शेयरों के आवंटन की अनुमानित तारीख (Deemed Date of Allotment) 1 जून, 2026 होगी।
प्रीमियम और निवेश आय में जोरदार उछाल
चौथी तिमाही के दौरान कंपनी के कारोबार में हर मोर्चे पर मजबूती देखी गई:
नेट प्रीमियम इनकम: रिन्यूअल और सिंगल प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत बढ़त के चलते नेट प्रीमियम आय 12% बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ रही, जो पिछले साल ₹1.48 लाख करोड़ थी।
फर्स्ट-ईयर प्रीमियम: नए बिजनेस से होने वाली आय (January-March तिमाही) 17% की ग्रोथ के साथ ₹13,009 करोड़ पर पहुंच गई।
रिन्यूअल प्रीमियम: इसमें 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹79,425 करोड़ से बढ़कर ₹82,233 करोड़ हो गया।
निवेश से मोटी कमाई: LIC की कमाई का मुख्य जरिया यानी इन्वेस्टमेंट इनकम 17% की रफ्तार से दौड़ते हुए ₹1.09 लाख करोड़ रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹93,443 करोड़ थी।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) का रिपोर्ट कार्ड
अगर पूरे साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो LIC ने नया रिकॉर्ड कायम किया है:
| वित्तीय मानक (Financial Metrics) | वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) | वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) | सालाना बढ़त (%) |
| कुल शुद्ध लाभ (PAT) | ₹48,320 करोड़ | ₹57,453 करोड़ | 📈 19% |
| नेट प्रीमियम इनकम | ₹4.90 लाख करोड़ | ₹5.38 लाख करोड़ | 📈 10% |
| शेयरधारकों का निवेश | ₹1.03 लाख करोड़ | ₹1.50 लाख करोड़ | 📈 45.6% |
पॉलिसीधारकों का भरोसा मजबूत: 31 मार्च, 2026 तक लिंक्ड एसेट्स को छोड़कर पॉलिसीधारकों का कुल फंड बढ़कर ₹53.68 लाख करोड़ हो गया है, जो एक वर्ष पहले ₹51.64 लाख करोड़ था।
खर्चों में बढ़ोतरी और पर्सिस्टेंसी रेशियो
जहाँ एक तरफ मुनाफा बढ़ा है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के प्रबंधन और परिचालन खर्चों में भी इजाफा देखा गया है:
मैनेजमेंट और एम्प्लोयी खर्च: तिमाही के दौरान प्रबंधन खर्च बढ़कर ₹20,699 करोड़ (पिछले साल ₹16,526 करोड़) हो गया। कर्मचारियों के पारिश्रमिक और कल्याणकारी खर्चों में भी भारी उछाल आया और यह ₹5,943 करोड़ से बढ़कर ₹8,891 करोड़ हो गया।
सॉल्वेंसी रेशियो में सुधार: अच्छी बात यह है कि कंपनी की वित्तीय स्थिरता को दर्शाने वाला सॉल्वेंसी रेशियो पिछले साल के 2.11 से सुधरकर 2.35 हो गया है, जो नियामक (Regulatory) आवश्यकताओं से काफी ऊपर और सुरक्षित है।
पर्सिस्टेंसी रेशियो (Persistency Ratio): पॉलिसी रिन्यूअल की निरंतरता दिखाने वाले 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो मामूली गिरावट के साथ 67.77% (पिछले साल 68.62%) रहा। वहीं, 61वें महीने का रेशियो 54.13% (पिछले साल 58.54%) दर्ज किया गया।
