जिले में खाद की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री के मामलों को लेकर प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के बाद कृषि विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी और जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों की टीम लगातार खाद विक्रय केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर रही है, ताकि किसानों को उचित मूल्य और निर्धारित मानकों के अनुसार खाद उपलब्ध हो सके।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या कालाबाजारी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा की जा रही जांच और छापामार कार्रवाई के दौरान कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि कुछ विक्रेता खाद के वितरण और बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
कहीं रिकॉर्ड संधारण में गड़बड़ी मिली तो कहीं अधिक मूल्य पर बिक्री और अनियमित स्टॉक वितरण के संकेत मिले। इन खामियों के आधार पर विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित मामलों को गंभीर माना।
सात दुकानदारों के लाइसेंस किए गए निलंबित
सात दिन में जवाब देने का निर्देश
कृषि उपसंचालक तरुण प्रधान ने जानकारी दी है कि सभी संबंधित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर अपना पक्ष और संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके लाइसेंस को स्थायी रूप से निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आगे भी जांच जारी रहेगी।
