छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने महासमुंद जिले के प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल रायपुर द्वारा संचालित सिलाई सेंटर, वार्ड क्रमांक 16 पुराना रावण भाठा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित आजीविका गतिविधियों की समीक्षा की तथा प्रशिक्षणार्थियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वरोजगार एवं कौशल विकास गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
इसके बाद सर्किट हाउस महासमुंद में श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अध्यक्ष श्री मिश्रा ने श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का तत्परतापूर्वक निराकरण किया जाए तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक निर्धारित समय-सीमा में पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रमिक वर्ग को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मीडिया से चर्चा कर विभागीय उपलब्धियों की दी जानकारी
समीक्षा बैठक के उपरांत अध्यक्ष मिश्रा ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने श्रम विभाग की प्रमुख उपलब्धियों, श्रमिक हित में संचालित योजनाओं तथा मंडल की विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शासन की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया। दोपहर 3 बजे से अध्यक्ष श्री मिश्रा ने जिले के विभिन्न उद्योगों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और श्रमिक पंजीयन की स्थिति पर चर्चा की गई। प्रतिनिधियों से अपने-अपने संस्थानों में कार्यरत अधिक से अधिक श्रमिकों का श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीयन कराने का आग्रह किया गया।अधिकाधिक श्रमिक पंजीयन से योजनाओं का मिलेगा लाभ
बैठक में अध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि श्रम कल्याण मंडल में पंजीयन होने से श्रमिकों को मंडल द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने उद्योग एवं संस्थान प्रतिनिधियों से श्रमिकों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने तथा अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि पात्र श्रमिक शासन की सुविधाओं और सहायता योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
