महासेंधमारी : 1 करोड़ का 250 टन लोहा चोरी, अंदरूनी मिलीभगत की आशंका
भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन लोहा चोरी होने का बड़ा मामला सामने आया है, जिसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। दुर्ग पुलिस ने हथखोज और अकलोरडीह इलाके में छापेमारी कर फ्लाई ऐश की आड़ में छिपाकर ले जाया जा रहा भारी मात्रा में स्टील स्क्रैप बरामद किया।
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कीर्तिमान न्यूज
28 May 2026, 11:52 AM
📍 भिलाई
देश की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक इकाइयों में से एक, सेल (SAIL) के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए करीब 250 टन लोहा चोरी होने का एक बड़ा मामला सामने आया है। जब्त किए गए लोहे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
दुर्ग पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत हथखोज और अकलोरडीह इलाके के एक बड़े कबाड़ यार्ड पर छापेमारी कर इस भारी-भरकम खेप को बरामद किया है।
फ्लाई ऐश की आड़ में लोहे का खेल
भिलाई-3 थाना क्षेत्र के तहत आने वाले अकलोरडीह स्थित 'एके ट्रेडर्स' नामक कबाड़ी गोदाम में पुलिस को लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं।
ट्रैप बिछाकर पकड़ा: 27 मई को छावनी सीएसपी प्रशांत कुमार पैकरा और भिलाई-3 थाना प्रभारी की टीम ने संदिग्ध वाहनों का पीछा किया। जैसे ही दो बड़े हाईवा ट्रक हथखोज के गोदाम में घुसे, पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दी।
शातिर मोडस ऑपेरंडी (तरीका): जब पुलिस ने ट्रकों की जांच की, तो ऊपर से सिर्फ 'फ्लाई ऐश' (कोयले की राख) दिखाई दे रही थी। लेकिन जब राख को हटाया गया, तो नीचे टनों वजनी लोहे की प्लेट्स और भारी स्क्रैप छुपा कर रखा गया था।
कागजात फेल: ड्राइवरों के पास केवल फ्लाई ऐश परिवहन के वैध दस्तावेज थे, करोड़ों के लोहे से संबंधित उनके पास कोई लीगल पेपर नहीं था।
बिना क्रेन और अंदरूनी मदद के असंभव
भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा का जिम्मा देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा एजेंसियों में से एक CISF के पास है। पूरे परिसर में 700 से अधिक जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं और सैकड़ों हाई-टेक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगे हैं।
बड़ा सवाल: बरामद लोहा इतना भारी है कि इसे बिना हाइड्रा क्रेन या बड़ी मशीनों के ट्रकों में लोड नहीं किया जा सकता। प्लांट की SMS-3 (स्टील मेल्टिंग शॉप-3) यूनिट से क्रेन के जरिए ट्रकों में लोहा भरा गया, फिर भी किसी को भनक नहीं लगी। भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी के मुताबिक, यह साफ तौर पर अंदरूनी अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत का नतीजा है।
मुख्य सरगना और ट्रांसपोर्टर पर कसता शिकंजा
पुलिस की प्राथमिक जांच में इस पूरे रैकेट के पीछे बड़े कबाड़ माफियाओं और ट्रांसपोर्टर्स के नाम सामने आए हैं:
संदेही/आरोपी
भूमिका
वर्तमान स्थिति
मोहम्मद कलीम
गोदाम संचालक (एके ट्रेडर्स)
हिरासत/पूछताछ जारी
संजय सिंह
मुख्य ट्रांसपोर्टर
पुलिस रडार पर, जल्द पूछताछ
ट्रक ड्राइवर्स
परिवहनकर्ता
पुलिस कस्टडी में बयान दर्ज
पुलिस ने मौके से बरामद सैकड़ों टन लोहे और दोनों हाईवा वाहनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 106 के तहत ज़ब्त कर पूरे गोदाम को सील कर दिया है।
BSP प्रबंधन ने बनाई हाई-लेवल जांच समिति
इस महाचोरी के खुलासे के बाद भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में प्लांट मैनेजमेंट ने एक उच्च स्तरीय विशेष जांच समिति (Enquiry Committee) का गठन किया है। यह कमेटी इस बात की जांच करेगी कि प्लांट के भीतर किस अधिकारी ने गेट पास जारी किया, किस क्रेन से माल लोड हुआ और CISF के चेकपोस्ट से यह गाड़ियां बिना चेकिंग के बाहर कैसे निकल गईं। पुलिस ने भी औपचारिक रूप से BSP प्रबंधन को पत्र लिखकर तत्कालीन ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की जानकारी मांगी है।
आगे की कार्रवाई: पुलिस का कहना है कि ड्राइवर्स और गोदाम संचालक मोहम्मद कलीम से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। बहुत जल्द इस मामले में प्लांट के कुछ 'सफेदपोशों' और सुरक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी हो सकती है।