दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल के डोंगरगढ़ स्टेशन पर आरपीएफ और रेलवे मेडिकल टीम की तत्परता से एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की जान बचाई गई। सिकंदराबाद–रायपुर एक्सप्रेस में सफर के दौरान महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके बाद टीम ने ट्रेन में ही सुरक्षित प्रसव कराया।
यह घटना 14 जुलाई 2026 की है। गाड़ी संख्या 12771 सिकंदराबाद–रायपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में 22 वर्षीय भारती अपने पति जितेंद्र के साथ यात्रा कर रही थीं। भारती कबीरधाम जिले के पिपरिया की रहने वाली हैं। सफर के दौरान अचानक उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी।
ट्रेन में गूंजी किलकारी
घटना की जानकारी मिलते ही मंडल सुरक्षा आयुक्त चेतन दिलीप राव जिचकार के मार्गदर्शन में आरपीएफ डोंगरगढ़ की टीम तुरंत हरकत में आई। ट्रेन के डोंगरगढ़ स्टेशन पहुंचने से पहले ही आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गईं। डोंगरगढ़ स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही सहायक उप निरीक्षक एसके वर्मा, रेलवे चिकित्सक डॉ. तेजा, जीआरपी प्रभारी जया कुर्रे, महिला आरक्षक प्रतीक्षा भदोरिया और सफाई कर्मचारी चंदा बोरकर ने मोर्चा संभाला। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल टीम ने ट्रेन के अंदर ही सुरक्षित प्रसव कराया।मां और बच्चा दोनों स्वस्थ
प्रसव के बाद डॉक्टरों ने महिला और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद आरपीएफ ने एंबुलेंस की सहायता से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछोली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
RPF-मेडिकल टीम रही सफल
रेलवे अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम में आरपीएफ और मेडिकल टीम के बेहतर तालमेल की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि आपात स्थिति में त्वरित निर्णय और सही समय पर मदद मिलने से महिला और नवजात को सुरक्षित बचाया जा सका। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।