उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तर्ज पर बना यूपी का एक और बेहद हाईटेक 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर पूरी तरह तैयार है। रविवार, 24 मई 2026 को इस गेम-चेंजर एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन होने जा रहा है।
संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस नए एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिसके तुरंत बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल दो बड़े शहरों की दूरी सिमट जाएगी, बल्कि दोनों महानगरों के बीच व्यापार और विकास को नए पंख लगेंगे।
समय की भारी बचत: 3 घंटे का सफर अब सिर्फ 35 से 45 मिनट में
अब तक लखनऊ से कानपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को NH-27 पर भीषण जाम का सामना करना पड़ता था, जिससे 2.5 से 3 घंटे का समय बर्बाद होता था। लेकिन इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद:
रफ्तार का रोमांच: एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
समय की बचत: अब दोनों शहरों के बीच का सफर महज 35 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा।
जाम से परमानेंट मुक्ति: अमौसी, बनी, उन्नाव और जाजमऊ जैसे भारी जाम वाले इलाकों से गुजरे बिना लोग सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
नीचे नेशनल हाईवे, ऊपर एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे आधुनिक इंजीनियरिंग की मिसाल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका एलिवेटेड (Elevated) ढांचा है:
डबल-डेकर रूट: NH-25 पर नीचे सामान्य नेशनल हाईवे चलेगा और ठीक उसके ऊपर यह एक्सप्रेसवे हवा से बातें करेगा।
एलिवेटेड भाग: लखनऊ की तरफ से लगभग 13 किलोमीटर और कानपुर की तरफ से करीब 5 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड (पिलर्स पर) बनाया गया है।
पुल और अंडरपास: एक्सप्रेसवे पर सुगम आवागमन के लिए 31 छोटे-बड़े पुल और स्थानीय ट्रैफिक के लिए 38 अंडरपास का निर्माण किया गया है, ताकि रफ्तार में कोई बाधा न आए।
बेहद सुरक्षित होगा सफर
सुरक्षा के लिहाज से इस एक्सप्रेसवे को बेहद हाईटेक बनाया गया है।
360 डिग्री CCTV कवरेज: एक्सप्रेसवे के हर 1 किलोमीटर के दायरे में अत्याधुनिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
कंट्रोल रूम से निगरानी: ओवरस्पीडिंग, दुर्घटना या किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कंट्रोल रूम से सीधे नज़र रखी जाएगी, जिससे सफर सुरक्षित और अनुशासित रहेगा।
देखें टोल टैक्स की पूरी लिस्ट
एक्सप्रेसवे पर सफर को रफ्तार देने के लिए आधुनिक टोल प्लाजा तैयार किए गए हैं। हल्के वाहनों (कार/जीप) के अलावा अन्य वाणिज्यिक वाहनों के लिए टोल दरें इस प्रकार तय की गई हैं:
| वाहन का प्रकार | सिंगल जर्नी (Single) | रिटर्न जर्नी (Return) |
| हल्के कमर्शियल वाहन (LCV) | ₹ 445 | ₹ 670 |
| बस और ट्रक | ₹ 935 | ₹ 1,405 |
| भारी कमर्शियल वाहन (Multi-Axle) | ₹ 1,020 | ₹ 1,530 |
