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Mini steel plants in Chhattisgarh affected by power cuts(Image Source: AI Photo)
Mini steel plants in Chhattisgarh affected by power cuts(Image Source: AI Photo)
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Mini Steel Plants: बिजली कटौती और बढ़ते खर्च से परेशान स्टील उद्योग, लोड फैक्टर में राहत की मांग

Mini Steel Plants: छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने अघोषित बिजली कटौती से हो रहे नुकसान को देखते हुए सितंबर-अक्टूबर के लिए लोड फैक्टर और डिमांड चार्ज में राहत मांगी है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 16 Oct 2026, 04:52 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
 Mini Steel Plants: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और लोड शेडिंग से मिनी स्टील प्लांट उद्योगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्पादन प्रभावित होने के साथ उद्योगों पर बिजली खर्च, मजदूरी और मशीनों के दोबारा संचालन का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग को पत्र लिखकर सितंबर और अक्टूबर माह के लिए राहत देने की मांग की है। एसोसिएशन ने लोड फैक्टर की गणना में छूट, डिमांड चार्ज में राहत और बिजली कटौती के लिए निर्धारित शेड्यूल बनाने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसका असर रोजगार और सरकारी राजस्व पर भी पड़ रहा है।

बिजली कटौती से उत्पादन पर असर, बढ़ रहा आर्थिक बोझ 

छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महासचिव मनीष धुप्पड़ ने आयोग को भेजे पत्र में बताया कि मिनी स्टील प्लांट लगातार चलने वाले उद्योग हैं। ऐसे में बीच-बीच में बिजली आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होती है। कई बार तैयार होने के करीब पहुंच चुका माल भी पूरा नहीं हो पाता। बिजली दोबारा आने पर उत्पादन शुरू करने के लिए फिर से बिजली, मजदूरी और मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। एसोसिएशन के मुताबिक, इस स्थिति से उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ रही है और उन्हें करोड़ों रुपए के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

मांड चार्ज में राहत देने की मांग

एसोसिएशन ने पत्र में डिमांड चार्ज का मुद्दा भी उठाया है। संगठन के अनुसार, पहले उद्योगों को डिमांड चार्ज के रूप में प्रति यूनिट लगभग 60 से 65 पैसे का भार पड़ता था, लेकिन सितंबर और अक्टूबर में बिजली कटौती के कारण यह बढ़कर करीब 1.20 से 1.25 रुपए तक पहुंच रहा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि बिजली कटौती से प्रभावित इन दोनों महीनों के लिए डिमांड चार्ज में भी छूट दी जाए, ताकि उद्योगों को अतिरिक्त वित्तीय नुकसान से राहत मिल सके। 

सितंबर और अक्टूबर के लिए अतिरिक्त पावर आवर्स की मांग

एसोसिएशन ने सितंबर महीने में हुई बिजली कटौती को आपातकालीन असामान्य स्थिति घोषित करते हुए लोड फैक्टर की गणना में राहत देने की मांग की है। संगठन ने सितंबर के अघोषित पावर आवर्स के मद्देनजर अतिरिक्त 120 घंटे की छूट देने का अनुरोध किया है। वहीं, अक्टूबर में 12 तारीख तक करीब 126 घंटे की अघोषित बिजली कटौती होने का दावा करते हुए एसोसिएशन ने इस महीने के लिए अतिरिक्त 240 घंटे की छूट मांगी है। संगठन का कहना है कि अक्टूबर में आगे भी बिजली कटौती की आशंका को देखते हुए उद्योगों को राहत मिलनी चाहिए। सभी उद्योगों के लिए समान शेड्यूल बनाने की मांग एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी से बिजली कटौती को व्यवस्थित करने की भी मांग की है। संगठन के मुताबिक, कंपनी ने उद्योगों को 12 समूहों में बांटा है। एसोसिएशन चाहता है कि 33 केवी और 132 केवी कनेक्शन वाले सभी समूहों के लिए समान आधार पर बिजली कटौती का शेड्यूल तैयार किया जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि बिजली की कमी की स्थिति में विद्युत वितरण कंपनी आवश्यक बिजली खरीदकर उद्योगों को आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास करे, ताकि उत्पादन प्रक्रिया बार-बार बाधित न हो। 
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