नदी में डूब रहे बच्चों को बचाने कूदे प्रदीप
उनकी पत्नी नदी किनारे मौजूद थीं, जबकि कुछ बच्चे नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान नहाते समय दो बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को पानी में फंसता देख प्रदीप कश्यप ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन बच्चों को बचाने के बाद वह खुद तेज बहाव और गहरे पानी की चपेट में आ गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदीप ने दोनों बच्चों को किनारे तक पहुंचा दिया था।

बच्चों को बचाने के बाद नदी में हुए लापता
इसके बाद वह नदी के तेज बहाव में फंस गए और कुछ ही देर में दिखाई देना बंद हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद घटना की जानकारी गोबरा नवापारा पुलिस को दी गई।
शनि मंदिर के पीछे नदी किनारे मिला शव
सूचना मिलते ही गोबरा नवापारा पुलिस, SDRF की टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे।
रेस्क्यू टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में जाकर प्रदीप कश्यप की तलाश शुरू की। शनिवार देर शाम तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। टीम ने काफी प्रयास किए, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान को रोकना पड़ा। रविवार सुबह फिर से तलाश अभियान शुरू करने की तैयारी थी। इसी बीच नदी के बहाव के साथ शव किनारे पहुंच गया।
प्रदीप की बहादुरी को लोग कर रहे सलाम
रविवार तड़के गोबरा नवापारा क्षेत्र के शनि मंदिर के पीछे महानदी किनारे प्रदीप कश्यप का शव मिला। बताया जा रहा है कि शव नदी के बहाव के साथ किनारे तक आ गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रदीप कश्यप के निधन से गोबरा नवापारा नगर में दुख का माहौल है। लोग उनके साहस और मदद करने के जज्बे की प्रशंसा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी की चिंता किए बिना दो बच्चों को नई जिंदगी दी। उनकी बहादुरी हमेशा लोगों को प्रेरणा देती रहेगी।