मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राजस्व, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच विश्वास को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है।
समाधान पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान है। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए तथा सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नक्शा सुधार जैसे मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।
धान उपार्जन
आंगनबाड़ी सेवाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति और कुपोषित बच्चों की संख्या की समीक्षा की। उन्होंने कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा ऋतु से पहले मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को तैयार रहने को कहा। उन्होंने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा टीबी मुक्त पंचायत अभियान को गति देने पर जोर दिया।
गंभीरता और नियंत्रण के निर्देश
बालोद जिले में डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने रोकथाम, उपचार और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि जनस्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सके। जल जीवन मिशन के तहत निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों को वर्षा से पहले पूरा करने तथा खराब मार्गों की मरम्मत करने पर जोर दिया गया।
