देश में मानसून के मिजाज में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां देश के कुछ राज्य भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ मध्य और पश्चिमी भारत के एक बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 10 राज्यों में अगले 5 दिनों तक मानसून कमजोर बना रहेगा। इन राज्यों में इस दौरान बहुत कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव की मुख्य वजह देश के पश्चिमी हिस्से के आसमान से मानसूनी बादलों का अचानक गायब हो जाना है।
पूर्वी राज्यों की तरफ मुड़े बादल, उत्तराखंड और यूपी में भारी आफत
मौसम विभाग की नई सैटेलाइट तस्वीरों से साफ हुआ है कि मानसूनी हवाएं और बादल अब देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों की तरफ स्थानांतरित (शिफ्ट) हो गए हैं। इस समय उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के ऊपर एक मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। इसके चलते इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। बादलों के इस रुख के कारण देश भौगोलिक रूप से दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है, जहां एक हिस्सा पानी के लिए तरस रहा है और दूसरा हिस्सा बाढ़ से जूझ रहा है।
उत्तर प्रदेश में हाहाकार: 3 दिन में 15 लोगों ने गंवाई जान
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। पिछले 3 दिनों के भीतर बारिश और इससे जुड़े हादसों में राज्य में 15 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। यूपी के हापुड़ जिले से आई तस्वीरों ने सबको चौंका दिया, जहां एक रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने के कारण एक थार कार पूरी तरह डूब गई। इसके अलावा बिजनौर जिले में गंगा और उसकी सहायक मालन नदी इस समय पूरे उफान पर हैं। बाढ़ का पानी पुलों के ऊपर से बहने के कारण प्रशासन ने एहतियातन मेरठ-बिजनौर हाईवे और हरिद्वार रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर यातायात को पूरी तरह से बंद कर दिया है।पहाड़ी राज्यों का बुरा हाल, हिमाचल और उत्तराखंड में रास्ते ठप
पहाड़ी राज्यों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण 118 से ज्यादा संपर्क सड़कें मलबे की वजह से बंद हो गई हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यमुनोत्री नेशनल हाईवे का करीब 100 मीटर का हिस्सा ढह गया है, जिससे चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी पहाड़ों से पत्थर गिरने और लैंडस्लाइड होने की वजह से 320 से अधिक सड़कें पूरी तरह ठप हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें सड़कों को खोलने के काम में लगातार जुटी हुई हैं।
पूर्वोत्तर में भी संकट: मिजोरम में नेशनल हाईवे बंद, पर्यटक फंसे
मौसम का यह उग्र रूप पूर्वोत्तर भारत में भी देखने को मिल रहा है। मिजोरम के लुंगलेई जिले में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले 80 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राज्य में पिछले 48 घंटों में 29 जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं। लुंगलेई जिले के बुआल्ते गांव के पास नेशनल हाईवे 54 पूरी तरह से बंद हो चुका है, जिसके कारण पिछले चार दिनों से वहां बड़ी संख्या में पर्यटक फंसे हुए हैं और प्रशासन उन्हें निकालने का प्रयास कर रहा है।