मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर शहर की बुनियादी सुविधाओं पर बहस छेड़ दी है। इस बार चर्चा सिर्फ सड़कों पर जलभराव की नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की लग्जरी सोसायटियों में सामने आई समस्याओं की भी हो रही है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनमें कुछ प्रीमियम रिहायशी परियोजनाओं में पानी रिसने, बेसमेंट में जलभराव और जरूरी सुविधाएं प्रभावित होने के दावे किए गए हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जनरेटर बंद, लिफ्ट ठप होने का दावा
एक सोशल मीडिया यूजर ने दावा किया कि 21 मंजिला इमारत में 24 घंटे से ज्यादा समय तक जनरेटर बंद रहा, जिससे लिफ्ट भी काम नहीं कर सकीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बिजली, साफ पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाएं समय पर नहीं मिलतीं, तो महंगे घरों का क्या फायदा
सड़कों पर पानी, लोगों की बढ़ी मुश्किल
बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। लोगों को रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए लंबी कतारों में ऑटो का इंतजार करना पड़ा। कई जगह यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
बारिश के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने शहर के बुनियादी ढांचे को लेकर नाराजगी जाहिर की। कई लोगों का कहना है कि ऊंची-ऊंची इमारतें तो बन रही हैं, लेकिन जल निकासी, सड़क और सार्वजनिक सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
फिलहाल संबंधित एजेंसियों की ओर से इन सोशल मीडिया दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों और शिकायतों ने एक बार फिर मुंबई की बुनियादी व्यवस्था को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।