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नेचर कैंप में जंगल ट्रेकिंग
नेचर कैंप में जंगल ट्रेकिंग

नेचर कैंप : जंगल ट्रेकिंग से जैव विविधता तक, बारनवापारा कैंप में बच्चों ने जाना प्रकृति का महत्व

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बारनवापारा अभयारण्य के पास देवपुर में आयोजित समर नेचर कैंप में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 65 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। कैंप में बच्चों को जंगल ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग, वाइल्डलाइफ सफारी, टेंट कैंपिंग और जैव विविधता संरक्षण की जानकारी दी गई। विश्व जैव विविधता दिवस पर बच्चों को औषधीय पौधों और पारंपरिक वन ज्ञान से भी परिचित कराया गया।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 25 May 2026, 12:14 PM · अपडेट: 07 Nov 2026, 04:59 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले स्थित बारनवापारा अभयारण्य के पास देवपुर में बच्चों के लिए विशेष समर नेचर कैंप का आयोजन किया गया। नौतपा शुरू होने से पहले आयोजित इस कैंप में बच्चों ने जंगल की दुनिया को करीब से जाना और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। कैंप का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति से जोड़ना, वन्यजीवों और पक्षियों के प्रति जागरूक बनाना तथा किताबों से बाहर व्यावहारिक सीख देना था।

वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के दिशा-निर्देश में 16 मई से 22 मई तक चले इस विशेष समर कैंप में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से 65 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें वन विभाग के मैदानी स्टाफ के बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बच्चों ने प्रकृति के बीच रहकर साहसिक और रचनात्मक गतिविधियों का आनंद लिया। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कैंप बच्चों को पढ़ाई के तनाव से दूर रखकर उनमें रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद करते हैं।

जंगल ट्रेकिंग और बर्ड वॉचिंग

कैंप के दौरान बच्चों के बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए प्रतिदिन सुबह जंगल ट्रेकिंग और बर्ड वॉचिंग गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने जंगल की संरचना, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और विभिन्न पक्षियों को करीब से पहचाना। टेंट कैंपिंग, आउटडोर एडवेंचर गेम्स और समूह गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में टीम भावना और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित की गई। प्रतिभागियों को बारनवापारा अभयारण्य में वाइल्डलाइफ सफारी कराई गई, जहां उन्होंने वन्यजीवों को करीब से देखा। इसके अलावा बच्चों को ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। इस दौरान उन्हें क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों से परिचित कराया गया। सामुदायिक सहभागिता गतिविधियों के जरिए बच्चों ने स्थानीय वनांचल समुदायों और प्रकृति के संबंधों को भी समझा।

विश्व जैव विविधता दिवस पर औषधीय पौधों की जानकारी

विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर बच्चों को बायोडायवर्सिटी ट्रेल पर ले जाया गया। यहां स्थानीय पारंपरिक वैद्यों ने दुर्लभ औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की जानकारी दी। बच्चों ने जंगलों में पाए जाने वाले पौधों के औषधीय महत्व और जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता को समझा। यह गतिविधि बच्चों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही।

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