NDMA की नई तैयारी : मोबाइल पर आएगी गुमशुदा लोगों और फरार अपराधियों की जानकारी
NDMA मोबाइल फोन ब्रॉडकास्ट अर्ली वार्निंग सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित फीचर्स के तहत गुमशुदा बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों की फोटो व जानकारी स्थानीय नागरिकों के मोबाइल पर भेजी जा सकेगी। इसके अलावा फरार अपराधियों और वांछित आतंकियों की पहचान साझा कर उनकी तलाश में भी आम लोगों की मदद ली जाएगी।
देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को पिछले कुछ समय से समय-समय पर इमरजेंसी अलर्ट संदेश प्राप्त हो रहे हैं। तेज अलार्म और फुल-स्क्रीन नोटिफिकेशन के साथ आने वाले ये संदेश मुख्य रूप से मौसम संबंधी चेतावनियों, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों की जानकारी देने के लिए भेजे जाते हैं। हालांकि, इन अलर्ट्स को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। जहां कुछ लोगों ने इन्हें उपयोगी बताया, वहीं कई लोगों को इनसे असुविधा भी हुई।
अब इस सिस्टम को और अधिक प्रभावी और बहुउद्देश्यीय बनाने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) मोबाइल फोन ब्रॉडकास्ट अर्ली वार्निंग मैसेज सिस्टम में नए फीचर्स जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे यह केवल आपदा चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश और अपराधियों की पहचान में भी अहम भूमिका निभा सकेगा।
गुमशुदा बच्चों और बुजुर्गों की तलाश होगी आसान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित बदलावों के तहत किसी क्षेत्र में लापता हुए बच्चे, बुजुर्ग या अन्य व्यक्तियों की तस्वीर और जरूरी जानकारी उसी इलाके के लोगों के मोबाइल फोन पर भेजी जा सकेगी। यह अलर्ट उस स्थान के आसपास निर्धारित दायरे में मौजूद लोगों तक पहुंचेगा, जिससे कम समय में अधिक लोगों को सूचना मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने पर गुमशुदा व्यक्तियों को खोजने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज और प्रभावी हो सकती है। स्थानीय नागरिकों की मदद से ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को भी राहत मिलेगी।
फरार अपराधियों पर रखी जा सकेगी नजर
नई व्यवस्था का एक और महत्वपूर्ण पहलू अपराध नियंत्रण से जुड़ा है। यदि कोई खतरनाक अपराधी, वांछित आरोपी या आतंकवादी फरार हो जाता है, तो उसकी तस्वीर और पहचान संबंधी जानकारी मोबाइल अलर्ट के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा सकेगी।
इससे आम नागरिक सतर्क रहेंगे और संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। खासतौर पर पुलिस हिरासत या जेल से फरार होने वाले अपराधियों की तलाश में यह तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
अभी नहीं हुई आधिकारिक घोषणा
हालांकि, इन नए फीचर्स को सिस्टम में कब तक शामिल किया जाएगा, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक समयसीमा सामने नहीं आई है। लेकिन यदि यह योजना लागू होती है, तो मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम देश में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। इससे आपदा प्रबंधन के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा से जुड़े कई कार्यों में भी तेजी आएगी।