छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रदेशवासियों को 400 से अधिक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी पहल अब धरातल पर उतरने लगी है। इसी क्रम में जशपुर जिला प्रशासन ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक ऑनलाइन शासकीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तेज़ी से कार्य प्रारंभ कर दिया है।
कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन तथा जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के नेतृत्व में जशपुर, कांसाबेल और पहाड़ी विकासखंड बगीचा के ग्राम पंचायत सचिवों के लिए ‘सेवा-सेतु पोर्टल’ (e-District 2.0) का एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशासन ने जानकारी दी है कि जिले के शेष विकासखंडों का प्रशिक्षण आगामी सप्ताह में पूरा किया जाएगा।
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य जिले के दूरस्थ ग्रामीण एवं जनजातीय अंचलों में रहने वाले नागरिकों को बिना ब्लॉक या जिला मुख्यालय गए त्वरित शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। ग्राम पंचायत लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे समय और आर्थिक दोनों बचत होगी।
पंचायत सचिवों को दिया गया लाइव तकनीकी प्रशिक्षण
डिजिटल सिग्नेचर मैपिंग से बढ़ेगी प्रशासनिक गति
कार्यशाला के दौरान जशपुर, कांसाबेल और बगीचा विकासखंड के सभी उपस्थित पंचायत सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) की मैपिंग भी शत-प्रतिशत पूरी कर ली गई। डिजिटल सिग्नेचर सक्षम होने के बाद अब फाइलों और आवेदनों का ऑनलाइन निपटारा तेजी से हो सकेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे शासन की डिजिटल व्यवस्था को गांव स्तर तक मजबूती मिलेगी और पारदर्शिता के साथ सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित होगी।
