मामला : फर्जी आय प्रमाण पत्र से बेटी को उत्कर्ष योजना में प्रवेश दिलाने वाला शिक्षक गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक सरकारी शिक्षक को फर्जी आय प्रमाण पत्र के जरिए अपनी बेटी को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना में कक्षा 6वीं में निःशुल्क प्रवेश दिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि शिक्षक ने अपनी वास्तविक वार्षिक आय 6.79 लाख रुपये होने के बावजूद केवल 75 हजार रुपये दर्शाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी शिक्षक को फर्जी आय प्रमाण पत्र के जरिए अपनी बेटी को “पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना” के तहत कक्षा 6वीं में निःशुल्क प्रवेश दिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पत्थलगांव पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और मामले की आगे जांच जारी है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शिक्षक की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6.79 लाख रुपये है, जबकि उन्होंने केवल 75 हजार रुपये वार्षिक आय का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। इसी कम आय को दिखाकर उन्होंने सरकारी योजना का गलत लाभ उठाया।
डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर पूरे मामले की गहराई से जांच की गई, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई।
शिकायतकर्ता की रिपोर्ट से खुला मामला
कांसाबेल के शांति नगर निवासी ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा (43) ने पत्थलगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम जामझोर, तहसील पत्थलगांव के निवासी और सरकारी शिक्षक चमर साय पैकरा ने अपनी वास्तविक आय को छिपाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। आरोप है कि उन्होंने गलत शपथ पत्र के साथ आय प्रमाण पत्र बनवाया और इसे सरकारी योजना में दाखिले के लिए उपयोग किया। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक ने अपनी बेटी का दाखिला पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के अंतर्गत कक्षा 6वीं में निःशुल्क करवाया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि दस्तावेजों में जानबूझकर आय को कम दिखाया गया था ताकि योजना का लाभ लिया जा सके।
पुलिस कार्रवाई तेज, आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस ने शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है और आगे और खुलासे संभव हैं।