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ग्रामीण सीड बॉल बना रहे हैं, पीछे हरी पहाड़ियाँ
ग्रामीण सीड बॉल बना रहे हैं, पीछे हरी पहाड़ियाँ
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 नई क्रांति :  दुलदुला में 80 हजार सीड बॉल तैयार, बंजर जमीनों में लौटेगी हरियाली

जशपुर के दुलदुला विकासखंड में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए सीड बॉल निर्माण अभियान शुरू किया गया है। ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद और स्थानीय बीजों से बनाई जाती हैं, जो बारिश में प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों में बदल जाती हैं।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 08 Jun 2026, 04:20 PM · अपडेट: 01 Nov 2026, 12:17 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड में सीड बॉल निर्माण अभियान की शुरुआत की गई है। आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से बड़े पैमाने पर सीड बॉल तैयार की जा रही हैं। इन सीड बॉल्स को वर्षा ऋतु के दौरान बंजर, पहाड़ी और वन क्षेत्रों में वितरित किया जाएगा, जिससे प्राकृतिक रूप से हरियाली को बढ़ावा मिल सके।

सीड बॉल मिट्टी, गोबर खाद और स्थानीय वृक्ष प्रजातियों के बीजों के मिश्रण से तैयार की जाती है। बारिश होने पर ये सीड बॉल जमीन में स्वतः घुलकर बीजों को अंकुरित होने में मदद करती हैं। इससे पौधे प्राकृतिक रूप से विकसित होकर हरित आवरण का विस्तार करते हैं। यह तकनीक कम लागत में बड़े क्षेत्र में वनीकरण का एक प्रभावी और टिकाऊ माध्यम मानी जा रही है।

प्रजातियों को दिया गया महत्व

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जानकारी दी कि इस अभियान का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अब तक आम, जामुन, करंज, नीम, इमली सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों की लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार की जा चुकी हैं। इस अभियान में ग्रामीणों, युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। प्रतिभागियों ने इसे प्रकृति संरक्षण का सरल, प्रभावी और सामुदायिक प्रयास बताया है। तैयार की गई सीड बॉल्स को मानसून के दौरान ऐसे क्षेत्रों में फैलाया जाएगा, जहां प्राकृतिक हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता है।

जिला प्रशासन की अपील

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने जिलेवासियों से इस पर्यावरणीय अभियान में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही हरित, समृद्ध और खुशहाल जशपुर का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है। इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ-साथ हाई इम्पैक्ट मेगा वाटरशेड प्रोजेक्ट के अंतर्गत हर्षा ट्रस्ट और बिहान के बीपीएम की भी सक्रिय सहभागिता रही है।

जैव विविधता को बढ़ावा

जनपद पंचायत दुलदुला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है। इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना भी है। अब तक आम, जामुन, करंज, नीम, इमली समेत लगभग 80 हजार सीड बॉल तैयार की जा चुकी हैं। इनमें विशेष रूप से स्थानीय प्रजातियों पर ध्यान दिया गया है ताकि जैव विविधता को संरक्षित किया जा सके और प्राकृतिक पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखा जा सके।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने सीड बॉल निर्माण को न केवल सरल और प्रभावी उपाय बताया, बल्कि इसे सामुदायिक प्रकृति संरक्षण का एक सशक्त प्रयास भी माना। महिलाएं और युवा समूह अपने अनुभव साझा करते हुए कह रहे हैं कि इस तरह की पहल से उनके गाँव और आसपास के क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और मिट्टी का कटाव कम होगा। तैयार सीड बॉल्स को वर्षा ऋतु में उन क्षेत्रों में फैलाया जाएगा, जहाँ प्राकृतिक रूप से हरित आवरण बढ़ाने की सबसे अधिक जरूरत है।

दौरान व्यापक क्रियान्वयन

अभियान की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि वर्षा शुरू होते ही सीड बॉल्स को सीधे बंजर, पहाड़ी और वन क्षेत्रों में फैलाया जाएगा। इससे बीज मिट्टी में प्राकृतिक रूप से अंकुरित होंगे और बिना किसी अतिरिक्त मानव हस्तक्षेप के पौधे विकसित होंगे। इससे न केवल हरित क्षेत्र बढ़ेगा, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी सुधरेगी और स्थानीय जल संसाधनों की गुणवत्ता में सुधार होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह रणनीति छोटे और बड़े पैमाने पर वनीकरण दोनों के लिए बेहद कारगर साबित होगी।

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